VARANASI NEWS. वाराणसी में कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम हत्याकांड के मुख्य आरोपी को पकड़ने की पुलिस की कोशिश आखिरकार एनकाउंटर में खत्म हुई। पांच महीने से फरार चल रहा एक लाख का इनामी बदमाश बनारसी यादव 3 फरवरी की देर रात एसटीएफ के साथ मुठभेड़ में मारा गया। इस कार्रवाई को हत्याकांड के नेटवर्क पर बड़ी चोट माना जा रहा है, हालांकि उसका एक साथी अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया, जिसकी तलाश तेज कर दी गई है। एसटीएफ इंस्पेक्टर अमित कुमार श्रीवास्तव और अनिल कुमार सिंह ने बताया कि फरार बदमाश की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं और पूरे जिले में अलर्ट जारी कर दिया गया है।

एसटीएफ के मुताबिक, चौबेपुर थाना क्षेत्र के जाल्हूपुर रिंग रोड पर बरियासनपुर के पास दो बदमाशों के बाइक से गुजरने की सूचना मिली थी। आशंका थी कि वे किसी वारदात को अंजाम देने जा रहे हैं। टीम ने इलाके में घेराबंदी की और संदिग्ध बाइक को रोकने की कोशिश की। इसी दौरान बाइक सवार एक बदमाश ने एसटीएफ पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एसटीएफ की गोली लगने से बदमाश गंभीर रूप से घायल हो गया, जबकि उसका साथी मौके से फरार हो गया।

घायल बदमाश को तत्काल पं. दीनदयाल उपाध्याय राजकीय अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान गाजीपुर जिले के गौरहट निवासी बनारसी यादव के रूप में हुई। उसके पास से दो पिस्टल और बड़ी संख्या में कारतूस बरामद किए गए हैं। बनारसी पर कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की हत्या के मामले में एक लाख रुपये का इनाम घोषित था।

ऐसे बनी हत्याकांड की पृष्ठभूमि
21 अगस्त की सुबह सारनाथ थाना क्षेत्र के सिंहपुर-अरिहंत नगर कॉलोनी में कॉलोनाइजर महेंद्र गौतम की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। बाइक पर सवार तीन बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया था—एक बाइक चला रहा था, जबकि पीछे बैठे दो शूटरों ने ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने सात दिन बाद मोबाइल कॉल डिटेल्स के आधार पर साजिश का खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश गाजीपुर के कॉलोनाइजर जोगेंद्र यादव ने रची थी। उसने दो शूटरों—अरविंद यादव और बनारसी यादव की मदद से वारदात कराई, जबकि विशाल बाइक चला रहा था। हमलावरों को फरार कराने में चंदन की भूमिका भी सामने आई थी।
मदद करने वालों की भी तलाश शुरू
इस मामले में बनारसी यादव के साथ वारदात को अंजाम देने वाले एक अन्य आरोपी अरविंद यादव को एक महीने पहले मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया जा चुका है। बाइक चालक विशाल और फरारी में मदद करने वाले चंदन की तलाश अब भी जारी है। पुलिस का कहना है कि नेटवर्क के बचे हुए आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। एनकाउंटर के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने संवेदनशील इलाकों में निगरानी बढ़ा दी है ताकि किसी तरह की जवाबी वारदात या कानून-व्यवस्था की स्थिति पैदा न हो।































