MUMBAI NEWS. डिजिटल लेन-देन में बढ़ती धोखाधड़ी को देखते हुए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने ग्राहकों के हित में बड़ा कदम उठाने की घोषणा की है। आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने शुक्रवार को चालू वित्त वर्ष की अंतिम द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए कहा कि छोटे मूल्य के डिजिटल फ्रॉड मामलों में ग्राहकों को 25,000 रुपये तक की क्षतिपूर्ति देने के लिए एक नई रूपरेखा लाई जाएगी।

गवर्नर मल्होत्रा ने बताया कि डिजिटल भुगतान की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आरबीआई जल्द ही एक परिचर्चा पत्र (डिस्कशन पेपर) जारी करेगा। इसमें विलंब से क्रेडिट, वरिष्ठ नागरिकों जैसे विशेष वर्ग के लिए अतिरिक्त प्रमाणीकरण और अन्य सुरक्षा उपायों पर सुझाव शामिल होंगे। विलंब से क्रेडिट का अर्थ है कि कुछ डिजिटल लेन-देन की राशि को सुरक्षा कारणों से जानबूझकर थोड़ी देरी से प्राप्तकर्ता के खाते में जमा किया जाए।

आरबीआई गवर्नर ने कहा कि ग्राहकों के हितों की सुरक्षा के लिए तीन प्रमुख दिशानिर्देशों के मसौदे जारी किए जाएंगे। इनमें पहला वित्तीय उत्पादों की गलत बिक्री से संबंधित होगा, दूसरा अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेन-देन में ग्राहकों की देनदारी को सीमित करने से जुड़ा होगा और तीसरा कर्ज वसूली तथा वसूली एजेंटों की नियुक्ति से संबंधित होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि छोटे मूल्य के धोखाधड़ी वाले लेन-देन में हुए नुकसान के लिए 25,000 रुपये तक की क्षतिपूर्ति का प्रस्ताव इन संशोधित निर्देशों का अहम हिस्सा होगा।
गौरतलब है कि अनधिकृत इलेक्ट्रॉनिक बैंकिंग लेन-देन में ग्राहकों की शून्य या सीमित देनदारी से जुड़े मौजूदा निर्देश वर्ष 2017 में जारी किए गए थे। तकनीक के तेजी से बढ़ते उपयोग को देखते हुए अब इन नियमों की समीक्षा की गई है और संशोधित मसौदा जल्द ही सार्वजनिक परामर्श के लिए जारी किया जाएगा।

वित्तीय उत्पादों की गलत बिक्री पर चिंता जताते हुए मल्होत्रा ने कहा कि इससे ग्राहकों और वित्तीय संस्थानों—दोनों को गंभीर नुकसान होता है। इसलिए बैंकों और वित्तीय संस्थानों को यह सुनिश्चित करना होगा कि काउंटर पर बेचे जा रहे तृतीय-पक्ष उत्पाद ग्राहकों की जरूरतों और उनकी जोखिम लेने की क्षमता के अनुरूप हों। इस संबंध में विज्ञापन, विपणन और बिक्री को लेकर भी व्यापक दिशा-निर्देश जारी किए जाएंगे।
इसके अलावा, आरबीआई ने कर्ज वसूली एजेंटों की नियुक्ति और वसूली प्रक्रिया से जुड़े मौजूदा अलग-अलग नियमों की समीक्षा कर उन्हें एकरूप बनाने का भी फैसला किया है।

मिशन सक्षम की घोषणा
आरबीआई गवर्नर ने इस मौके पर ‘मिशन सक्षम’ की भी घोषणा की। इसका उद्देश्य शहरी सहकारी बैंकों (UCBs) की क्षमता निर्माण करना है। उन्होंने कहा कि ये बैंक वित्तीय समावेशन में अहम भूमिका निभाते हैं और उनकी मजबूती के लिए कौशल विकास, तकनीकी क्षमता और परिचालन दक्षता को बढ़ाना जरूरी है।
मिशन सक्षम के तहत बड़े पैमाने पर प्रशिक्षण कार्यक्रम और एक व्यापक शिक्षण मंच शुरू किया जाएगा, जिसमें लगभग 14 लाख प्रतिभागी शामिल होंगे। ये प्रशिक्षण कार्यक्रम संभवतः स्थानीय स्तर पर और क्षेत्रीय भाषाओं में भी उपलब्ध कराए जाएंगे। यह मिशन यूसीबी के शीर्ष संगठनों और राष्ट्रीय एवं राज्य स्तरीय संघों के सहयोग से संचालित किया जाएगा।
Chhattisgarh News, compensation, compensation rules will be implemented soon, digital fraud, Mumbai News, RBI Governor Sanjay Malhotra, RBI to provide compensation, tirandaj.com, tirandaj.com top 10 news web site, आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा, ग्राहकों के हित में बड़ा कदम, डिजिटल लेन-देन में बढ़ती धोखाधड़ी, भारतीय रिजर्व बैंक


































