RAIGHAR NEWS. रायगढ़ की सिटी कोतवाली पुलिस ने भारतीय डाक विभाग में नौकरी पाने के लिए फर्जी मार्कशीट का इस्तेमाल करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक महिला और एक पुरुष को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने तमिलनाडु बोर्ड की फर्जी मार्कशीट के आधार पर डाकपाल पद पर नौकरी हासिल करने की कोशिश की थी।

जुलाई 2023 में डाक विभाग द्वारा ग्रामीण डाकसेवकों (GDS) के लिए ऑनलाइन भर्ती प्रक्रिया निकाली गई थी। आरोपी नरेंद्र कुमार निवासी ग्राम बड़े रबेली, जिला सक्ती ने बरा शाखा के लिए आवेदन किया था। आरोपी सोनम साहू निवासी ग्राम सरवानी बाराद्वार, जिला जांजगीर-चांपा ने सुलेसा शाखा के लिए आवेदन किया था।

दस्तावेज़ सत्यापन के दौरान, जब प्रस्तुत मार्कशीट को संबंधित तमिलनाडु बोर्ड से सत्यापित कराया गया, तो रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि उक्त मार्कशीट बोर्ड द्वारा जारी नहीं की गई थीं। इसके बाद डाक अधीक्षक, रायगढ़ के आवेदन पर कोतवाली थाने में अपराध क्रमांक 59/2026, धारा 420, 467, 468, 471, 34 भादवि के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।

3.5 लाख रुपये में खरीदी थी नौकरी
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि नौकरी की तलाश के दौरान उनकी पहचान विनोद कुमार राठौर निवासी कोरबा से हुई थी। विनोद कुमार ने फर्जी मार्कशीट उपलब्ध कराने और नौकरी लगवाने के बदले ₹3.5 लाख रुपये की मांग की थी। आरोपी नरेंद्र कुमार ने उसे ₹3,50,000 दिए थे, जबकि सोनम साहू ने नियुक्ति के पश्चात राशि देने की बात कही थी।

मुख्य साजिशकर्ता की तलाश जारी
पुलिस ने फर्जी अंकसूचियां और वास्तविक शैक्षणिक दस्तावेज जब्त कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। मामले का मुख्य साजिशकर्ता विनोद कुमार राठौर अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम दबिश दे रही है।



































