RAIPUR NEWS. विदेशी निवेश के नाम पर बड़ा मुनाफा दिलाने का झांसा देकर करीब दो करोड़ रुपये की ठगी करने वाले मुख्य आरोपी को पुलिस ने नाटकीय ढंग से गिरफ्तार कर लिया। सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपी यश राजेश शाह को मुंबई एयरपोर्ट से उस वक्त पकड़ा, जब वह अदालत से जमानत निरस्त होने के बाद वियतनाम भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी का सहयोगी और कथित तंजानियाई साझेदार अब्दुल्लाह किलियावापे न्युजे अब भी फरार है, जिसकी तलाश जारी है।

पीड़ित कारोबारी समर्थ बरडिया और उनके जीजा मुकुल चोपड़ा ने शिकायत में बताया कि वर्ष 2024 में ऑनलाइन संपर्क के जरिए यश शाह ने खुद को तंजानिया स्थित सोने की खदान का संचालक बताया। उसने SKM Bullion Trading Limited के नाम से 50 प्रतिशत हिस्सेदारी देने का प्रस्ताव रखा। विश्वास जीतने के लिए आरोपी रायपुर आया और पीड़ितों को तंजानिया ले जाकर खदान दिखाने का दावा किया।

इसके बाद अलग-अलग बैंक खातों में 1 करोड़ 6 लाख रुपये सहित कुल 1 करोड़ 90 लाख रुपये ट्रांसफर कराए गए। प्राथमिक जांच में सामने आया कि आरोपी के पास किसी भी खदान का वैध खनन अधिकार नहीं था। तंजानिया की आधिकारिक खनन नियामक संस्था Mining Commission of Tanzania की वेबसाइट पर उपलब्ध रिकॉर्ड के अनुसार संबंधित नाम से कोई वैध लाइसेंस दर्ज नहीं मिला।

पुलिस का कहना है कि आरोपी ने फर्जी दस्तावेज और झूठे दावे पेश कर निवेशकों को गुमराह किया। एफआईआर दर्ज होने के बाद से आरोपी फरार था। कोर्ट से जमानत अर्जी खारिज होने के बाद वह देश छोड़ने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसे एयरपोर्ट पर धर दबोचा। अब उससे पूछताछ कर अन्य पीड़ितों और संभावित नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय निवेश के नाम पर होने वाली ठगी से सतर्क रहने की जरूरत है और किसी भी विदेशी खनन या व्यापारिक प्रस्ताव में निवेश से पहले अधिकृत सरकारी पोर्टल से लाइसेंस और पंजीकरण की पुष्टि अवश्य करनी चाहिए।



































