DURG NEWS. जिले के मोहन नगर थाना क्षेत्र से पुलिस महकमे को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। जब्ती के सोने के जेवरात का गबन करने के आरोप में एक महिला प्रधान आरक्षक को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। आरोपी महिला प्रधान आरक्षक पर पहले भी गंभीर आरोप लग चुके हैं।

मामला 4 जुलाई 2022 का है, जब दुर्ग के सिंधिया नगर निवासी सोनल द्विवेदी के घर से अज्ञात चोर ने करीब 79 ग्राम सोने के जेवरात और लगभग 32 हजार रुपये नकद चोरी कर लिए थे। पीड़िता की शिकायत पर मोहन नगर थाने में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपी चोर को गिरफ्तार कर करीब 2.5 लाख रुपये मूल्य के सोने के जेवरात बरामद किए।
उस समय इस पूरे मामले की जांच मोहन नगर थाने में पदस्थ महिला प्रधान आरक्षक मोनिका गुप्ता को सौंपी गई थी। 30 जून 2023 को उन्होंने आरोपी चोर को गिरफ्तार कर चोरी का सामान जब्त किया, लेकिन नियमानुसार जेवरात पीड़िता को लौटाने या आरक्षी केंद्र में जमा करने के बजाय उन्हें अपने पास ही रख लिया। उच्च अधिकारियों को गुमराह करते हुए उन्होंने बताया कि जब्ती के जेवरात आरक्षी केंद्र की अलमारी में सुरक्षित रखे गए हैं।

बाद में जांच में खुलासा हुआ कि प्रधान आरक्षक मोनिका गुप्ता ने जेवरात आरक्षी केंद्र में कभी जमा ही नहीं किए। पीड़िता की बार-बार मांग के बावजूद भी जेवरात वापस नहीं किए गए। विभागीय जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। कई बार स्पष्टीकरण मांगे जाने के बावजूद उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।

आखिरकार 4 मार्च 2025 को मोहन नगर थाने में उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर के बाद से वह फरार चल रही थीं, जिन्हें 2 फरवरी 2026 को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
गंभीर आरोपों को देखते हुए तत्कालीन एसएसपी ने महिला प्रधान आरक्षक मोनिका सोनी उर्फ मोनिका गुप्ता को सेवा से बर्खास्त कर दिया था। उन्होंने हाईकोर्ट में भी याचिका दायर की, लेकिन वहां से भी उन्हें राहत नहीं मिली।

गौरतलब है कि आरोपी महिला आरक्षक के खिलाफ पूर्व में छावनी थाने में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला भी दर्ज हो चुका है। जांच में यह भी साबित हुआ था कि उन्होंने एक व्यक्ति से उसकी बेटी को नौकरी दिलाने के बदले अवैध रूप से पैसे लेकर अपने पद का दुरुपयोग किया था।




































