RAIPUR NEWS. राजधानी में ठगों का नेटवर्क जमीन से लेकर नौकरी तक फैल चुका है। एक मामले में फर्जी दस्तावेज बनाकर 36 लाख रुपये की ठगी की गई, तो दूसरे में बिजली विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर 3 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। जमीन खरीद-फरोख्त के नाम पर 36 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है और आरोपियों की भूमिका की पड़ताल की जा रही है।

पीड़ित धनंजय नंद ने पुलिस को बताया कि आरोपी राहुल बनिक और राजेश शर्मा ने देवपुरी स्थित एक जमीन को अपनी बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए और सौदा तय कर लिया। भरोसा दिलाकर अलग-अलग तारीखों में चेक और नकद के माध्यम से कुल 36 लाख रुपये ले लिए। बाद में जब जमीन की वास्तविक स्थिति की जांच की गई तो खुलासा हुआ कि जमीन आरोपियों की नहीं थी और प्रस्तुत किए गए दस्तावेज भी जाली थे। ठगी का पता चलने पर जब पीड़ित ने रकम वापस मांगी तो आरोपियों ने धमकी देना शुरू कर दिया।

शिकायत के मुताबिक दबाव बनाकर मामला रफा-दफा करने की कोशिश की गई और जान से मारने की धमकी भी दी गई। दबाव के बाद आरोपियों ने चार किश्तों में केवल 8 लाख रुपये लौटाए, जबकि 28 लाख रुपये अब भी बकाया हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक साजिश सहित विभिन्न धाराओं में अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

नौकरी दिलाने के नाम पर 3 लाख की ठगी
इसी तरह सिविल लाइन थाना क्षेत्र में नौकरी दिलाने के नाम पर 3 लाख रुपये ठगने का मामला दर्ज हुआ है। प्रार्थिया रोशना परवीन ने शिकायत में बताया कि 10 जनवरी 2022 से 31 जनवरी 2022 के बीच आरोपियों सुस्मिता टंडन, शाहिद हुसैन और नितिन जाधव ने बिजली विभाग में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। इस दौरान आरोपियों ने किश्तों में कुल 3 लाख रुपये ले लिए, लेकिन न नौकरी दिलाई और न ही रकम वापस की।



































