KOTA NEWS. 14 फरवरी 2019 को पुलवामा में हुए आतंकी हमले की टीस आज भी देश के हर नागरिक के मन में जीवित है। उस हमले में केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के 40 जवानों ने देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर कर दिए थे। इसी पीड़ा और स्मृति को संकल्प में बदलते हुए सीआरपीएफ ने इस वर्ष काला दिवस को सेवा और मानवता के प्रतीक के रूप में मनाया।

श्रद्धांजलि समारोह में अधिकारियों और जवानों ने शहीदों को नमन करते हुए कहा कि पुलवामा के वीरों की शहादत केवल इतिहास नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा है। पुष्पांजलि अर्पित कर जवानों ने यह संकल्प लिया कि देश सेवा के साथ-साथ समाज के प्रति अपने दायित्व को भी पूरी निष्ठा से निभाते रहेंगे।

पुलवामा हमले में जवानों की मृत्यु अत्यधिक रक्तस्राव के कारण हुई थी। इसी सच्चाई को आधार बनाकर पुलिस उपमहानिरीक्षक कोंटा रेंज के मार्गदर्शन में 228 बटालियन के कैंप फंदीगुड़ा, कोंटा में एक विशाल रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर का उद्देश्य केवल श्रद्धांजलि देना नहीं, बल्कि जरूरतमंदों के लिए जीवनदान सुनिश्चित करना रहा।

इस अवसर पर डीआईजी कोंटा रेंज राजेश पांडे, 212 बटालियन के कमांडेंट दीपक कुमार श्रीवास्तव, 228 बटालियन के कमांडेंट लतीफ साहू सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों के साथ जवानों ने भी बढ़-चढ़कर रक्तदान किया।

रक्तदान शिविर में कुल 200 अधिकारियों एवं जवानों ने स्वेच्छा से रक्तदान किया। कार्यक्रम में मौजूद अधिकारियों ने कहा कि शहीदों को सच्ची श्रद्धांजलि वही है, जो समाज के किसी जरूरतमंद के जीवन को बचा सके। सीआरपीएफ का यह आयोजन शौर्य, संवेदना और सेवा का जीवंत उदाहरण बनकर सामने आया।




































