RAIPUR NEWS. राज्य की आर्थिक दिशा तय करने वाला अहम बजट सत्र 23 जनवरी से शुरू होने जा रहा है, जिसमें सरकार अपने विकास एजेंडे और दीर्घकालिक विजन की झलक पेश करेगी। छत्तीसगढ़ विधानसभा के इस सत्र में 24 जनवरी को वित्त मंत्री ओपी चौधरी सदन में सरकार का तीसरा बजट प्रस्तुत करेंगे। वित्त मंत्री ने बताया कि यह बजट नई थीम और नए विजन के साथ लाया जा रहा है। बजट की रणनीति वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार की गई है।

ओपी चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विकसित भारत के संकल्प और मुख्यमंत्री के नेतृत्व में विकसित छत्तीसगढ़ के विजन को आधार बनाकर दीर्घकालिक (लॉन्ग टर्म) और अल्पकालिक (शॉर्ट टर्म) योजनाओं का स्पष्ट रोडमैप बजट में शामिल किया जाएगा। बजट सत्र को लेकर राजनीतिक हलचल तेज हो गई है और माना जा रहा है कि इस बार सदन में विकास, कल्याणकारी योजनाओं और राज्य की आर्थिक दिशा को लेकर तीखी बहस देखने को मिल सकती है।

बता दें कि पिछले वित्त वर्ष 2024-25 में राज्य सरकार ने करीब 1.47 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। इस बार उससे अधिक आकार का बजट आने की संभावना जताई जा रही है, जिसमें बुनियादी ढांचे, महिला सशक्तिकरण और ग्रामीण विकास पर विशेष जोर रहने की बात कही जा रही है।

बजट को लेकर विपक्षी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर वित्त मंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार ने राजीव गांधी ग्रामीण योजना के तहत चार किस्तों में राशि दी थी, जबकि वर्तमान सरकार हर वर्ष उससे अधिक सहायता दे रही है। उनका दावा है कि कांग्रेस पांच वर्षों में जितनी राशि नहीं दे सकी, उससे अधिक धनराशि वर्तमान सरकार दे रही है।

उन्होंने कहा कि हर वर्ष लगभग 8000 करोड़ रुपये माता-बहनों के खातों में सीधे ट्रांसफर किए जा रहे हैं। मंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्ष केवल आरोप-प्रत्यारोप की राजनीति कर रहा है, जबकि भारतीय जनता पार्टी की सरकार विकास कार्यों पर केंद्रित है।


































