JAGDAPUR NEWS. तीन दिवसीय बस्तर पंडुम-2026 का समापन हो गया है। बस्तर संभाग की समृद्ध संस्कृति, कला और परंपराओं के संरक्षण के उद्देश्य से आयोजित ‘बस्तर पंडुम 2026’ में सुकमा जिले ने शानदार प्रदर्शन करते हुए संभाग स्तर पर पहला स्थान हासिल किया। जगदलपुर के लालबाग मैदान में आयोजित भव्य कार्यक्रम में सुकमा जिले के जनजातीय नाट्य दल ‘विधा’ को उत्कृष्ट प्रस्तुति के लिए प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कलाकारों को स्मृति चिन्ह और 50 हजार रुपये का चेक प्रदान कर सम्मानित किया।

समापन समारोह के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने जनजातीय परंपराओं और संस्कृति पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया। उन्होंने विभिन्न स्टॉलों का भ्रमण कर आदिवासी समाज के जीवन से जुड़े उत्पादों, हस्तशिल्प और पारंपरिक कलाओं की जानकारी ली। उन्होंने ढोकरा शिल्प, टेराकोटा, वुड कार्विंग, सीसल कला, बांस व लौह शिल्प, जनजातीय वेशभूषा व आभूषण, तुम्बा कला, जनजातीय चित्रकला, वन औषधियां, स्थानीय व्यंजन और लोक चित्रों की सराहना की। गृहमंत्री ने कहा कि बस्तर की संस्कृति भारत की आत्मा का जीवंत प्रतिबिंब है।

प्रदर्शनी में दंडामी माड़िया, अबूझमाड़िया, मुरिया, भतरा और हल्बा जनजातियों की पारंपरिक वेशभूषा एवं आभूषणों का आकर्षक प्रदर्शन किया गया। जनजातीय चित्रकला के माध्यम से आदिवासी जीवन, प्रकृति और परंपराओं की सजीव झलक देखने को मिली। वैद्यराज द्वारा वन औषधियों का जीवंत प्रदर्शन भी दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण रहा।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में आयोजित इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य बस्तर के पारंपरिक नृत्य, गीत, खानपान, शिल्प और आंचलिक साहित्य की मौलिक पहचान को संरक्षित करना और स्थानीय कलाकारों को एक बड़ा मंच उपलब्ध कराना है। प्रशासन की इस पहल से न केवल विलुप्त होती लोक विधाओं को संजीवनी मिल रही है, बल्कि जनजातीय समुदायों के सतत विकास का मार्ग भी प्रशस्त हो रहा है।

कलेक्टर अमित कुमार के मार्गदर्शन और जिला सीईओ मुकुंद ठाकुर के कुशल प्रबंधन में सुकमा जिले से 12 विधाओं के कुल 69 कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियां दीं। प्रथम स्थान कोंटा विकासखंड के सुदूर ग्राम पंचायत कोंडासांवली के आश्रित गांव पारला गट्टा की टीम ने नाट्य विधा में हासिल किया। मुरिया जनजाति के 13 सदस्यीय दल (9 पुरुष, 4 महिला) ने ताड़ के पत्ते, मयूर पंख, तीर-धनुष और मछली पकड़ने के जाल जैसी दैनिक उपयोग की वस्तुओं के रचनात्मक प्रयोग से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
इन कलाकारों ने बढ़ाया जिले का गौरव
कोंटा विकासखंड के पारला गट्टा निवासी कलाकार लेकम लक्का, प्रकाश सोड़ी, विनोद सोड़ी, जोगा सुदाम और उनकी टीम ने अपनी प्रतिभा से सुकमा जिले को गौरवान्वित किया। इस उपलब्धि में नोडल अधिकारी मनीराम मरकाम और पी. श्रीनिवास राव का विशेष योगदान रहा, जिन्होंने कलाकारों को संभाग स्तर तक पहुंचाने और उन्हें निरंतर प्रोत्साहित करने में अहम भूमिका निभाई।



































