NEW DELHI NEWS. आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों के लिए आयुष्मान कार्ड बनवाने की प्रक्रिया अब पहले से कहीं ज्यादा आसान कर दी गई है। जिले में स्वास्थ्य विभाग ने राशन डीलर (कोटेदार), आशा कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी सहायिका, पीएचसी सखी, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत फार्मासिस्टों को भी कार्ड निर्माण की जिम्मेदारी सौंपी है। इसके लिए 1156 ऑपरेटर आईडी बनाई गई हैं और चयनित लोगों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि ज्यादा से ज्यादा जरूरतमंदों तक योजना का लाभ पहुंच सके।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत चिन्हित सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रत्येक परिवार को सालाना 5 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जाता है। परिवार के हर सदस्य का अलग आयुष्मान कार्ड बनता है, जिससे इलाज के दौरान किसी तरह की नकद भुगतान की जरूरत नहीं पड़ती। सरकार के निर्देश पर आयुष्मान भारत गोल्डन कार्ड बनाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभी भी कई पात्र परिवार ऐसे हैं, जिनके कार्ड नहीं बन पाए हैं और उन्हें स्वास्थ्य केंद्रों के चक्कर काटने पड़ते हैं।

इसी परेशानी को दूर करने के लिए अब स्थानीय स्तर पर कोटेदार, आशा और आंगनवाड़ी सहायिकाओं को इस प्रक्रिया से जोड़ा गया है। अब जरूरतमंद लोग अपने गांव या मोहल्ले में ही नजदीकी कोटेदार या चिन्हित स्वास्थ्य कार्यकर्ता के पास जाकर आयुष्मान कार्ड बनवा सकते हैं। योजना के तहत अंत्योदय कार्डधारी परिवार, गरीबी रेखा के नीचे आने वाले गुलाबी व लाल राशन कार्ड धारक पात्र हैं। इसके अलावा 70 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्ग, राज्य के कुछ कर्मचारी वर्ग और अन्य पात्र राशन कार्ड धारक भी अपनी पात्रता ऑनलाइन जांच कर कार्ड बनवा सकते हैं।

आयुष्मान कार्ड बनाने की पूरी प्रक्रिया डिजिटल है और मोबाइल से भी पूरी की जा सकती है। इसके लिए आयुष्मान ऐप डाउनलोड कर भाषा चुनने के बाद बेनिफिशियरी विकल्प पर जाएं। मोबाइल नंबर से लॉगिन कर पीएमजेएवाई योजना, राज्य और जिला चुनें। आधार नंबर डालने पर परिवार के सदस्यों की सूची दिखाई देगी। जिनका कार्ड नहीं बना है, उनके लिए आधार आधारित ओटीपी सत्यापन और फोटो अपलोड कर ई-केवाईसी पूरी की जा सकती है। सत्यापन पूरा होने के बाद कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है।

ये दस्तावेज जरूरी
आयुष्मान कार्ड बनवाने के लिए आधार कार्ड, राशन कार्ड, मोबाइल नंबर और पासपोर्ट साइज फोटो अनिवार्य हैं। ई-श्रम कार्ड, श्रमिक कार्ड या अन्य सरकारी पहचान पत्र होने से पात्रता साबित करने में अतिरिक्त सुविधा मिलती है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि इस नई व्यवस्था से दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और उन्हें इलाज के लिए आयुष्मान योजना का लाभ लेने में अब किसी तरह की दिक्कत नहीं होगी।


































