JAGDAPUR NEWS. बस्तर की सांस्कृतिक पहचान और सुरक्षा परिदृश्य के बीच आज केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का एक दिवसीय जगदलपुर दौरा खास माना जा रहा है। वे 9 फरवरी को सुबह 11.45 बजे रायपुर से रवाना होकर जगदलपुर पहुंचेंगे और लालबाग मैदान में आयोजित बस्तर पंडुम के संभाग स्तरीय समापन समारोह में शामिल होंगे। यह दौरा ऐसे वक्त हो रहा है, जब बस्तर संभाग में नक्सल विरोधी अभियानों में लगातार तेजी देखी जा रही है।

सरकार की ओर से बस्तर को नक्सलमुक्त बनाने के लिए 31 मार्च 2026 की समयसीमा तय की गई है। बीते डेढ़ महीने के भीतर अमित शाह का यह दूसरा बस्तर दौरा है, जिससे कयास लगाए जा रहे हैं कि वे इस मंच से नक्सल प्रभावित इलाकों को लेकर कोई अहम संदेश या घोषणा कर सकते हैं।

रविवार को रायपुर में गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद पर एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक भी की थी। बैठक के बाद उन्होंने कहा कि देश के करीब 90 प्रतिशत माओवादी प्रभावित क्षेत्र अब इस समस्या से मुक्त हो चुके हैं और शेष इलाकों में अभियान को निर्णायक अंजाम तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने यह भी दोहराया कि सरकार की प्राथमिकता शांति स्थापना है और आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों के लिए पुनर्वास की नीति पर गंभीरता से काम किया जा रहा है।

अमित शाह के दौरे को देखते हुए जगदलपुर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। कार्यक्रम स्थल लालबाग मैदान, एयरपोर्ट और आवागमन मार्गों पर तीन स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। केंद्रीय सशस्त्र बलों के साथ राज्य पुलिस और स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया है। बस्तर आईजी सुंदरराज पी. के मुताबिक पूरे रूट और आयोजन स्थल पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है।

बस्तर पंडुम के समापन समारोह में संभाग के विभिन्न जिलों से आए जनजातीय कलाकार अपनी लोकसंस्कृति, पारंपरिक नृत्य, गीत और वाद्य यंत्रों के जरिए बस्तर की समृद्ध विरासत को मंच पर प्रस्तुत करेंगे। कार्यक्रम में स्कूली छात्र-छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी।


































