RAIPUR NEWS. केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह शनिवार को तीन दिवसीय छत्तीसगढ़ दौरे पर रायपुर पहुंचे। स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, जनप्रतिनिधियों और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका आत्मीय स्वागत किया।
इस अवसर पर केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू, उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार मंत्री गुरु खुशवंत साहेब, सांसद संतोष पांडेय, सांसद बृजमोहन अग्रवाल, रायपुर महापौर मीनल चौबे, विधायक मोतीलाल साहू और राजेश मूणत, मुख्य सचिव विकास शील, पुलिस महानिदेशक अरुण देव गौतम, अपर मुख्य सचिव (गृह) मनोज पिंगुआ तथा रायपुर पुलिस कमिश्नर संजीव शुक्ला सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने सोशल मीडिया पर स्वागत संदेश जारी करते हुए कहा कि प्रभु श्रीराम के ननिहाल माता कौशल्या की पावन धरा पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह का आगमन राज्य के लिए गौरव और उत्साह का विषय है। उन्होंने कहा कि अमित शाह के मार्गदर्शन में देश की आंतरिक सुरक्षा मजबूत हुई है और नक्सलवाद के विरुद्ध निर्णायक लड़ाई में सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं, जिससे छत्तीसगढ़ सहित पूरे देश में शांति और विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है।

नक्सल उन्मूलन पर हाईलेवल मीटिंग
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह रायपुर में रात्रि विश्राम के बाद आठ फरवरी को नवा रायपुर में नक्सल मामलों को लेकर उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक करेंगे। इस बैठक में अर्धसैनिक बलों के वरिष्ठ अधिकारी, राज्य सरकार के शीर्ष प्रशासनिक अधिकारी और सुरक्षा एजेंसियों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। बैठक में 31 मार्च 2026 से पहले नक्सलवाद के पूर्ण खात्मे की तय समय-सीमा को लेकर आगे की रणनीति पर मंथन किया जाएगा। गृह मंत्रालय के अनुसार, यह बैठक माओवादमुक्त भारत के लक्ष्य को हासिल करने के लिए अंतिम ‘एक्शन प्लान’ को मंजूरी देने के लिहाज से बेहद अहम मानी जा रही है।
नक्सलवाद के ताबूत में आखिरी कील
अमित शाह का यह दौरा सुरक्षा बलों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ बस्तर के शेष बचे नक्सल प्रभावित इलाकों को मुक्त कराने की अंतिम रणनीति पर केंद्रित है। बताया जा रहा है कि बस्तर का लगभग 95 प्रतिशत क्षेत्र अब हिंसामुक्त हो चुका है और केवल कुछ हिस्सों में ही नक्सली गतिविधियां शेष हैं। ऐसे में 31 मार्च 2026 की डेडलाइन को देखते हुए यह दौरा निर्णायक माना जा रहा है।
बस्तर पंडुम के समापन में होंगे शामिल
जहां सात फरवरी को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बस्तर पंडुम महोत्सव का उद्घाटन किया, वहीं नौ फरवरी को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह इसके समापन समारोह में शामिल होंगे। इस दौरान वे बस्तर के कुछ अंदरूनी क्षेत्रों का दौरा कर सुरक्षाबलों के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात करेंगे और नक्सल विरोधी रणनीति की समीक्षा करेंगे।

विकास से माओवाद को जवाब
छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद के खिलाफ अभियान केवल सुरक्षा कार्रवाई तक सीमित नहीं है, बल्कि विकास के माध्यम से भी माओवाद को कमजोर किया जा रहा है। बस्तर पंडुम जैसे सांस्कृतिक आयोजनों के जरिए आदिवासी संस्कृति को सम्मान देते हुए लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है। बस्तर संभाग में 135 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं, जिनमें से 58 पिछले एक साल में खुले हैं। जिन 40 गांवों में कभी काले झंडे लहराते थे, वहां इस वर्ष पहली बार गणतंत्र दिवस पर तिरंगा फहराया गया।
आंकड़ों में नक्सल विरोधी सफलता
साल 2025 में नक्सल मुठभेड़ों में 317 माओवादी मारे गए, जिनमें कई शीर्ष नेता शामिल थे। वहीं अब तक 1973 नक्सली हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौट चुके हैं, जो राज्य की पुनर्वास नीति की सफलता को दर्शाता है।
स्पष्ट संदेश
केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार ने नक्सलियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि या तो वे मुख्यधारा में लौटें या फिर सुरक्षा बलों का सामना करने के लिए तैयार रहें। बेहतर तालमेल और सख्त रणनीति के चलते नक्सल विरोधी अभियानों को लगातार सफलता मिल रही है।

मिनट-टू-मिनट कार्यक्रम
केंद्रीय गृहमंत्री सात फरवरी की रात रायपुर पहुंचे। आठ फरवरी को नवा रायपुर में नक्सलवाद पर हाईलेवल मीटिंग और एक राष्ट्रीय कॉन्क्लेव में भाग लेंगे। नौ फरवरी को वे विशेष विमान से जगदलपुर पहुंचकर बस्तर पंडुम के समापन समारोह में शामिल होंगे और इसके बाद दिल्ली रवाना होंगे।
गौरतलब है कि यह दो महीनों में अमित शाह का दूसरा छत्तीसगढ़ दौरा है। इससे पहले वे नवंबर 2025 में राज्य के प्रवास पर आए थे, जहां उन्होंने नवा रायपुर में आयोजित डीजीपी–आईजीपी सम्मेलन में शिरकत की थी।



































