BIJAPUR NEWS. नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को बीजापुर में बड़ी कामयाबी मिली है। जिले में संचालित ‘पुनर्वास से पुनर्जीवन’ अभियान के तहत सक्रिय रहे 30 नक्सलियों ने हथियार डालकर आत्मसमर्पण कर दिया है। इन नक्सलियों के मुख्यधारा में लौटने को नक्सली संगठनों के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है।

आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर शांतिपूर्ण जीवन अपनाने का संकल्प लिया है। प्रशासन के अनुसार, सभी को सरकार की पुनर्वास नीति के तहत आवश्यक सुविधाएं और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

पुनर्वास से नई शुरुआत
सरकार की ‘पुनर्वास से पुनर्जीवन’ योजना के तहत आत्मसमर्पित नक्सलियों को शिक्षा, रोजगार, सुरक्षित आवास और आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसका उद्देश्य उन्हें समाज में सम्मानजनक जीवन जीने का अवसर देना और भयमुक्त वातावरण में पुनः बसाना है, ताकि वे विकास की मुख्यधारा से जुड़ सकें।

शांति की ओर बढ़ता बीजापुर
बीजापुर जैसे नक्सल प्रभावित इलाकों में शांति और विकास सरकार की प्राथमिकता है। लगातार चल रही सुरक्षा कार्रवाई और पुनर्वास योजनाओं का असर अब ज़मीन पर दिखाई देने लगा है। 30 नक्सलियों के आत्मसमर्पण से न केवल क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होगी, बल्कि विकास कार्यों को भी गति मिलेगी।

प्रशासन और सुरक्षा बलों का कहना है कि भविष्य में और भी नक्सली हिंसा छोड़कर समाज की मुख्यधारा में लौटें, इसके लिए प्रयास लगातार जारी रहेंगे। यह कदम क्षेत्र में विश्वास बहाली, सामाजिक समरसता और स्थायी शांति की दिशा में अहम माना जा रहा है।


































