RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ शासन ने एक बड़े और संवेदनशील मामले में डीएसपी कल्पना वर्मा को निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई कारोबारी दीपक टंडन की शिकायत पर कराई गई प्राथमिक जांच के बाद की गई, जिसमें वित्तीय लेनदेन और गोपनीय सूचनाओं के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप सामने आए हैं। सरकार ने मामले को राज्य की आंतरिक सुरक्षा से जुड़ा मानते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन का आदेश जारी किया है।

सूत्रों के मुताबिक, दो सप्ताह पहले इस प्रकरण की विस्तृत जांच रिपोर्ट गृह विभाग को सौंपी गई थी। एएसपी कीर्तन राठौर के नेतृत्व में गठित जांच टीम ने करीब 30 दिनों में जांच पूरी की। रिपोर्ट लगभग 1,400 पन्नों की बताई जा रही है, जिसमें डीएसपी कल्पना वर्मा और कारोबारी दीपक टंडन के बीच हुए लेनदेन, उपहारों के आदान-प्रदान और डिजिटल संवाद के कई साक्ष्य शामिल होने का दावा किया गया है। जांच में यह भी संकेत मिले हैं कि विभाग से जुड़ी कुछ संवेदनशील जानकारियां निजी माध्यमों से साझा की गईं।

रिपोर्ट में दोनों के बीच हुई कथित व्हाट्सऐप चैट का उल्लेख है, जिनमें नक्सल गतिविधियों, सुरक्षा बलों की तैनाती और चल रहे ऑपरेशनों से जुड़े इनपुट साझा किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। जांच एजेंसियों का मानना है कि यदि गोपनीय सूचनाओं के लीक होने की पुष्टि होती है, तो यह न सिर्फ सेवा नियमों का उल्लंघन बल्कि राज्य की सुरक्षा व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा माना जाएगा।

सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की सूचनाओं का अनधिकृत साझा किया जाना आपराधिक श्रेणी में आता है और इसके दूरगामी दुष्परिणाम हो सकते हैं। इसी संवेदनशीलता को देखते हुए शासन स्तर पर मामले की अलग से समीक्षा कराई गई और रिपोर्ट को गोपनीय रखा गया है। कारोबारी दीपक टंडन ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि वर्ष 2021 से उनके साथ निजी संबंधों की आड़ में बड़े पैमाने पर आर्थिक लाभ लिया गया।
कारोबारी के मुताबिक, कुल मिलाकर करीब 2.5 करोड़ रुपये की राशि और कीमती उपहार दिए गए, जिनमें नकद रकम, एक लग्जरी कार, हीरे की अंगूठी, सोने के गहने और अन्य महंगे गिफ्ट शामिल हैं। कारोबारी का यह भी दावा है कि शिकायत के बाद भी कुछ कीमती सामान अब तक वापस नहीं किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान डीएसपी कल्पना वर्मा का मुख्यालय पुलिस मुख्यालय या शासन द्वारा निर्धारित स्थान पर रहेगा।


































