KANKER NEWS. अंतागढ़ ब्लॉक के ग्राम पंचायत बड़े तेवड़ा में बीते दिनों शव दफनाने को लेकर हुये विवाद के बाद आमाबेड़ा क्षेत्र के कुछ धर्मांतरित परिवार अपने मूल धर्म में वापसी कर रहे हैं। ग्राम बड़ेतेवड़ा के आश्रित ग्राम सोडेपारा के 6 परिवार के 26 सदस्यों में आज मूलधर्म में वापसी की है।

ग्राम की शीतला मंदिर में ग्राम पटेल, ग्राम गायता के सामने अपना मूलधर्म अपनाया है, परिवारों ने गांव के शीतला मंदिर में जाकर अपना मूलधर्म अपना लिया और दोबारा मतांतरित न होने का वादा ग्रामीणों से किया।

बता दें आमाबेडा के बड़ेतेवडा में ही कुछ दिन पहले धर्मान्तरण को लेकर बवाल मचा था। धर्मान्तरित व्यक्ति के शव के कफ़न दफन को लेकर उपजा विवाद ने हिंसक रूप ले लिया था। अब गांव में धर्मान्तरित लोगों के मूलधर्म में लौटने का सिलसिला लगातार जारी है।

लीडर महेंद्र बघेल की वापसी के बाद से आया मोड
इधर कांकेर जिला के बड़े तेवड़ा गांव में पहले हुए बवाल के मामले में नया मोड तब सामने आया जब ग्राम बड़े तेवड़ा गांव के चर्च के लीडर महेंद्र बघेल ने घर वापसी की। महेंद्र बघेल ने ईसाई धर्म से वापसी कांकेर के शीतला मंदिर में किया है। सर्व समाज की उपस्थिति में महेंद्र बघेल ने हिंदू धर्म को फिर से अपनाते हुए पूजा करने के बाद रामायण को अपने हाथों से अंगीकार कर हिन्दू धर्म स्वीकार किया।

गौरतलब है कि कुछ दिनों पूर्व बड़े तेवड़ा और आमाबेड़ा गांव में ईसाई समुदाय और आदिवासी समाज आमने सामने हो गए थे। बाद में बड़ा बवाल मचा पुलिस को लाठी चार्ज तक करना पड़ा। जिसमें कांकेर आई जी, एडिशनल एसपी समेत बड़ी संख्या में लोग घायल हुए थे। अपने मूल धर्म को अपनाते हुए चर्च के लीडर महेंद्र बघेल ने कुछ लोगों के नाम भी गिनाए। जिन्होंने षडयंत्र करते हुए बवाल जैसे घटनाक्रम को अंजाम दिया। महेंद्र बघेल ने आने वाले दिनों और अन्य लोगों की घर वापसी होने की बात कही थी।




































