BIJAPUR NEWS. माओवादी हिंसा से दशकों तक प्रभावित रहे बीजापुर जिले के अंदरूनी इलाकों में इस वर्ष गणतंत्र दिवस ऐतिहासिक बन गया। माओवादियों के कोर एरिया माने जाने वाले कर्रेगुट्टा हिल्स (करीब 5,000 फीट ऊंचाई) में स्थापित नवीन सुरक्षा कैंप सहित जिले के कई सुदूर गांवों में पहली बार पूरे सम्मान और उत्साह के साथ तिरंगा फहराया गया।

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर सुरक्षा बलों, जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने एक साथ ध्वजारोहण कर लोकतंत्र के पर्व को मनाया। जिन क्षेत्रों में कभी लाल आतंक का साया रहा, वहां अब सुरक्षा के मजबूत घेरे में शांतिपूर्ण माहौल के बीच राष्ट्रीय पर्व मनाया गया। नवीन सुरक्षा कैंपों में स्कूली बच्चों और ग्रामीणों ने प्रभात फेरी निकाली तथा वंदे मातरम् और जय हिंद के नारों से पूरा क्षेत्र देशभक्ति के रंग में रंग गया।

केंद्र और राज्य सरकार की समन्वित रणनीति तथा सुरक्षा बलों की प्रभावी कार्रवाई से बीजापुर जिले में हालात तेजी से सामान्य हो रहे हैं। 15 अगस्त 2025 के बाद नक्सल प्रभावित इलाकों में 31 नए सुरक्षा कैंप स्थापित किए गए हैं, जिससे प्रशासन और विकास की मजबूत मौजूदगी बनी है। इसका सीधा असर यह रहा कि इस वर्ष 31 नए गांवों में पहली बार गणतंत्र दिवस उत्साहपूर्वक मनाया गया।

सुरक्षा कैंपों की स्थापना से न केवल कानून-व्यवस्था मजबूत हुई है, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, संचार और बैंकिंग जैसी मूलभूत सुविधाएं भी अब ग्रामीणों तक पहुंचने लगी हैं। गणतंत्र दिवस 2026 बीजापुर के इन सुदूर अंचलों में शांति, एकजुटता और लोकतंत्र की विजय का सशक्त प्रतीक बनकर उभरा है।




































