KANKER NEWS. जेल से रिहा होने के कुछ ही दिनों बाद नीरज ठाकुर की मौत हो गई। नीरज ठाकुर सर्व आदिवासी समाज के वरिष्ठ नेता जीवन ठाकुर के पुत्र थे। बताया जा रहा है कि पिता जीवन ठाकुर की मौत के करीब एक सप्ताह बाद ही नीरज को जेल से रिहा किया गया था। जेल से बाहर आने के बाद से ही उनकी तबीयत लगातार खराब चल रही थी, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई।

नीरज ठाकुर की मौत की खबर फैलते ही क्षेत्र में शोक और आक्रोश का माहौल बन गया। परिजनों और समाज के लोगों का आरोप है कि पिता और पुत्र की मौत सामान्य नहीं है, बल्कि इसके पीछे गहरी साजिश है।

इस मामले को लेकर कांग्रेस ने चारामा में नेशनल हाईवे पर चक्काजाम कर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपते हुए पिता-पुत्र की मौत को साजिश करार दिया और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

कांग्रेस का कहना है कि यदि समय रहते नीरज ठाकुर के स्वास्थ्य पर ध्यान दिया जाता और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होती, तो यह घटना टाली जा सकती थी। वहीं, प्रशासन की ओर से मामले की जांच का आश्वासन दिया गया है।




































