DURG NEWS. खेलधानी दुर्ग जिले के पुरई गांव में खो-खो का नेशनल कोचिंग कैंप आयोजित किया गया, जिसमें पूरे छत्तीसगढ़ से चयनित अंडर-14 आयु वर्ग के खिलाड़ियों ने भाग लिया। इस सब-जूनियर नेशनल कोचिंग कैंप में खिलाड़ियों को 9 दिनों तक आधुनिक प्रशिक्षण देकर उनके खेल कौशल को निखारने का कार्य किया गया।
छत्तीसगढ़ एमेच्योर खो-खो संघ के तत्वावधान में आयोजित यह कैंप सत्या खो-खो क्लब पुरई के संयोजन और नेतृत्व में 21 जनवरी से 29 जनवरी तक चला। कैंप में नेशनल व इंटरनेशनल स्तर के खिलाड़ियों और अनुभवी प्रशिक्षकों ने बच्चों को खो-खो की बारीकियां सिखाईं।

नेशनल और इंटरनेशनल आयोजन की ओर बढ़ता पुरई
सत्या खो-खो क्लब पुरई के संरक्षक एवं मुख्य कोच भुनेश्वर साहू ने बताया कि यह दुर्ग जिले के लिए गर्व की बात है कि नेशनल कोचिंग कैंप की मेजबानी का अवसर मिला। इसके लिए लंबे समय से तैयारी की गई थी। उन्होंने कहा कि उद्देश्य खिलाड़ियों को नेशनल स्तर के लिए तैयार करना है और भविष्य में दुर्ग जिले में नेशनल व इंटरनेशनल टूर्नामेंट आयोजित कराना क्लब की प्राथमिकता है।
सात जिलों से पहुंचे 30 चयनित खिलाड़ी
कैंप से पहले जिलेवार ट्रायल आयोजित कर खिलाड़ियों का चयन किया गया। इस नेशनल कैंप में नारायणपुर, कांकेर, रायपुर, बिलासपुर, राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी और दुर्ग जिले के कुल 30 चयनित खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया।

हरियाणा में होगी नेशनल चैंपियनशिप
भुनेश्वर साहू ने बताया कि कोचिंग कैंप के बाद सलेक्टर्स द्वारा छत्तीसगढ़ टीम का गठन किया जाएगा। चयनित खिलाड़ी 35वीं सब-जूनियर नेशनल खो-खो चैंपियनशिप में राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे, जो 31 जनवरी से 4 फरवरी तक कुरुक्षेत्र में आयोजित होगी।
इनकी रही अहम भूमिका
कैंप के सफल आयोजन में पुरई के सरपंच डोमार सिंह साहू, उप सरपंच शीतला ठाकुर, सत्या खो-खो क्लब के अध्यक्ष गुलाब साहू, उपाध्यक्ष शिवकुमार साहू, साहू समाज अध्यक्ष दीनानाथ साहू, सुखित राम यादव, संरक्षक छबिलाल साहू, बिसौहा राम पटेल, बलदाऊ राम साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीणों, प्रशिक्षकों और निर्णायकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

रोजाना मैच, फिटनेस और तकनीकी ट्रेनिंग
कैंप के दौरान खिलाड़ियों को जनरल व स्पेसिफिक सर्किट ट्रेनिंग, ऑन-बॉडी स्ट्रेंथ एक्सरसाइज, लैडर और एजिलिटी एक्सरसाइज, स्टेयर रनिंग, वेट ट्रेनिंग जैसी आधुनिक तकनीकों से प्रशिक्षित किया गया। साथ ही रोजाना कम से कम दो अभ्यास मैच कराए गए। इस प्रशिक्षण में सीनियर खिलाड़ी और कोच थालेश्वर साहू, मोरध्वज पटेल, गजेंद्र साहू और ठाकुर राम साहू की अहम भूमिका रही।




































