RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ में एक बार फिर डीएमएफ के दुरुपयोग पर जांच की आंच तेज होती नजर आ रही है। केंद्र सरकार ने पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर के पत्र पर मुख्य सचिव को जांच के निर्देश दिए हैं। ननकीराम कंवर ने डीएमएफ को लेकर चिट्ठी लिखी थी।

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में डीएमएफ राशि के दुरुपयोग के मामले में जांच अब आगे बढ़ सकती है। डीएमएफ की राशि खर्च कर सड़क निर्माण से बालको समूह को लाभ पहुंचाने की पूर्व मंत्री ननकीराम कंवर ने शिकायत की थी। उन्होंने अपने पत्र में लिखा था कोरबा के दरी डेम से बालको परसाभाटा तक की सड़क निर्माण कार्य बालको कंपनी को फायदा पहुंचाने के उद्देश्य से निजी स्वार्थ में DMF कोरबा की राशि से वर्ष 2025-26 में स्वीकृत किये गए हैं, जो DMF राशि का दुरूपयोग है, इसलिए उस निर्माण कार्य की स्वीकृति पर तत्काल रोक लगाई जाए।
केंद्र सरकार के खान मंत्रालय ने ननकीराम कंवर के इस पत्र पर पिछले साल अगस्त और दिसंबर में भी मुख्य सचिव को पत्र लिखकर जांच के निर्देश दिए थे, लेकिन कार्रवाई नहीं होने पर एक बार फिर से इसी हफ्ते भारत सरकार ने मुख्य सचिव विकासशील को पत्र लिख जांच कर कार्रवाई रिपोर्ट भेजने की बात कही है। इस पर पूर्व मंत्री ननकी राम कंवर का कहना है पूरे मामले में गड़बड़ी है, राज्य सरकार को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। कोरबा के तत्कालीन कलेक्टर अजीत वसंत इस मामले से जुड़े हैं।

इधर कोरबा से पूर्व विधायक और मंत्री जयसिंह अग्रवाल का कहना है कि मामले में कार्रवाई होनी चाहिए। यह सही है की मनमानी तरीके से काम किए गए हैं।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज कहते हैं, कि ननकीराम कंवर ने अब तक कई पत्र लिखे हैं। सरकार को सभी पत्रों की जांच करानी चाहिए।
वहीं पूर्व मंत्री अमरजीत भगत ने कहा ननकीराम की स्थिति म्यूजियम में रखे वस्तु की तरह हो गई है। भाजपा सरकार में उनके पत्र पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही है।

भाजपा विधायक सुनील सोनी ने कहा ननकी राम के पत्र पर ने केंद्र ने संज्ञान लिया है तो राज्य जांच करेगी। पूर्व मंत्रियों की बात उठा रहे हैं तो म्यूजियम बोल रहे हैं। अमरजीत भगत को शर्म आनी चाहिए।
ननकी राम कंवर के पत्र पर केंद्रीय कोल खनन मंत्रालय ने पुनः संज्ञान लिया है, लेकिन छत्तीसगढ़ सरकार के मुख्य सचिव द्वारा कार्रवाई नहीं की जा रही है। आखिर केंद्र के निर्देशों का राज्य पालन क्यों नहीं कर रही है? क्या इसमें कोई अपने लोग हैं इसलिए जांच की कार्रवाई से बचा जा रहा है? अब इन तमाम सवालों के बीच देखना होगा क्या जांच की प्रक्रिया शुरू होकर अंतिम कार्रवाई तक पहुंचेगी?




































