PENDRA NEWS. इंदिरा गांधी राष्ट्रीय जनजातीय विश्वविद्यालय (IGNTU) में छात्र सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। यहाँ असम के एक छात्र के साथ हॉस्टल के भीतर बेरहमी से मारपीट की गई है। पीड़ित छात्र ने इसे हत्या का प्रयास बताया है। इस मामले की गूँज अब दिल्ली तक पहुँच चुकी है, जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 5 छात्रों को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है।

बता दें कि अमरकंटक स्थित IGNTU के गुरु गोविंद सिंह बॉयज हॉस्टल में छात्र सुरक्षा को शर्मसार करने वाली यह घटना सामने आई है। एम.ए. अर्थशास्त्र प्रथम वर्ष के छात्र हिरोज ज्योति दास, जो मूल रूप से असम के निवासी हैं, ने विश्वविद्यालय प्रशासन को लिखित शिकायत सौंपते हुए आरोप लगाए हैं। पीड़ित छात्र के अनुसार, हॉस्टल में 4 से 5 छात्रों ने उन पर जानलेवा हमला किया। हमले की वजह सिर्फ इतनी थी कि वे असम के रहने वाले हैं।

आरोपियों ने पहले उनका पता और विभाग पूछा और जैसे ही उन्हें पता चला कि हिरोज असम से हैं, उन पर लात-घूंसे और मुक्कों की बरसात कर दी गई। सीटी स्कैन रिपोर्ट के मुताबिक, छात्र की नाक की हड्डी टूट गई है, आंखों में खून जमा है और चेहरे पर गहरे जख्म हैं। इस घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में भारी आक्रोश है। छात्र संगठनों ने एकजुट होकर धरना प्रदर्शन किया और निष्पक्ष जांच की मांग की।
छात्रों का साफ कहना है कि बाहरी राज्यों से आने वाले विद्यार्थियों के साथ इस तरह का व्यवहार परिसर के शैक्षणिक माहौल को जहरीला बना रहा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। अनुशासन समिति की जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 5 छात्रों अनुराग पांडेय, जतिन सिंह, रंजीत त्रिपाठी,विशाल यादव, उत्कर्ष सिंह को तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया गया है।

इन सभी के खिलाफ अब पुलिसिया कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। इस घटना ने एक बार फिर कैंपसों में क्षेत्रीय भेदभाव और रैगिंग जैसे गंभीर मुद्दों पर बहस छेड़ दी है।




































