BIJAPUR NEWS. छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षाबलों का बड़ा अभियान जारी है। सुकमा और बीजापुर जिलों में पुलिस और नक्सलियों के बीच भीषण मुठभेड़ चल रही है। सुकमा जिले के किस्टाराम क्षेत्र में सुरक्षाबलों और नक्सलियों के बीच हुई मुठभेड़ में 12 नक्सलियों के मारे गए हैं, जबकि इलाके में अब भी रुक-रुककर फायरिंग जारी है। दूसरी ओर बीजापुर जिले में दो माओवादियों को ढेर कर दिया गया है, जिनके शव और हथियार बरामद कर लिए गए हैं।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक माओवादियों की मौजूदगी की पुख्ता सूचना मिलने के बाद डीआरजी (डिस्ट्रिक्ट रिजर्व गार्ड) की टीम ने नक्सल विरोधी अभियान शुरू किया था। इसी दौरान शनिवार तड़के नक्सलियों ने सुरक्षाबलों पर फायरिंग कर दी, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में मुठभेड़ शुरू हो गई। 3 जनवरी की सुबह करीब 5 बजे से लगातार रुक-रुककर गोलीबारी चल रही है। बीजापुर में हुई मुठभेड़ के दौरान सुरक्षाबलों ने अब तक दो नक्सलियों के शव बरामद किए हैं।

मुठभेड़ की पुष्टि बीजापुर एसपी जितेंद्र यादव ने की है। उन्होंने बताया कि इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है और सुरक्षाबल पूरी सतर्कता के साथ आगे बढ़ रहे हैं। सुरक्षा कारणों को देखते हुए फिलहाल मुठभेड़ के सटीक स्थान और ऑपरेशन में शामिल जवानों की संख्या सार्वजनिक नहीं की गई है। अधिकारियों का कहना है कि अभियान पूरा होने के बाद विस्तृत जानकारी आधिकारिक रूप से साझा की जाएगी।

इस बीच छत्तीसगढ़ का मोस्ट वांटेड नक्सली स्पेशल जोनल कमेटी मेंबर (SZCM) देवा बारसे ने हैदराबाद में सरेंडर कर दिया है। देवा के साथ 20 नक्सलियों ने भी हथियार डाल दिए हैं। हैदराबाद में दोपहर 3 बजे पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जानकारी देगी। देवा अपने साथियों के साथ तेलंगाना के मुलुगु पहुंचा था, जहां से पुलिस उसे हैदराबाद लेकर पहुंची थी।

हाल के दिनों में तेज हुए नक्सल विरोधी अभियान
गौरतलब है कि 8 दिन पहले पड़ोसी राज्य ओडिशा के कंधमाल जिले में हुए एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने 1 करोड़ रुपये के इनामी नक्सली नेता गणेश उईके समेत 6 माओवादियों को मार गिराया था। उस कार्रवाई में दो महिला नक्सली भी ढेर हुई थीं और बड़ी मात्रा में हथियार बरामद किए गए थे। छत्तीसगढ़ और सीमावर्ती राज्यों में लगातार हो रही इन कार्रवाइयों को नक्सल नेटवर्क पर अब तक का बड़ा दबाव माना जा रहा है।




































