BIJAPUR NEWS. नक्सलवाद खात्मे के लिए जुटी फोर्स को नक्सली लगातार चुनौती दे रहे हैं। साथ ही नक्सलियों ने एक बार फिर दहशत फैलाने की कोशिश में जुटे हैं। इस बीच, बीजापुर जिले में नक्सलियों ने सड़क निर्माण कार्य में लगे ठेकेदार को बंधक बना लिया है। घटना के दौरान नक्सलियों द्वारा ठेकेदार के साथ मारपीट किए जाने की भी जानकारी मिली है। जिला पुलिस और सुरक्षा बलों ने आसपास के इलाकों में सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है।

जानकारी के मुताबिक ठेकेदार इम्तियाज़ अली के साथ काम कर रहे उसके एक सहयोगी ने किसी तरह मौके से जान बचाकर भागने में सफलता पाई। वह सीधे इरापल्ली के मेटागुड़म कैंप पहुंचा, जहां उसने पूरी घटना की जानकारी सुरक्षा बलों को दी। ठेकेदार इम्तियाज़ अली के सहयोगी ने बताया कि निर्माण कार्य के दौरान नक्सलियों का एक दस्ता मौके पर पहुंचा और ठेकेदार को अपने साथ जंगल की ओर ले गया।

मामले की पुष्टि करते हुए बीजापुर एसपी जितेंद्र कुमार यादव ने बताया कि ठेकेदार के साथ काम करने वाला उसका एक साथी हमारे कैंप में पहुंचा है। उसने बंधक बनाए जाने की जानकारी दी है। हमारी टीमें घटना की तस्दीक कर रही हैं और आगे की कार्रवाई की जा रही है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि नक्सलियों ने ठेकेदार को किस उद्देश्य से उठाया है।

बता दें कि गौरतलब है कि सड़क निर्माण कार्य लंबे समय से नक्सलियों के निशाने पर रहते हैं, क्योंकि ये परियोजनाएँ नक्सल प्रभावित इलाकों में सुरक्षा बलों की आवाजाही और विकास कार्यों को गति देती हैं। इसी कारण ठेकेदारों और मजदूरों पर नक्सली दबाव व हमलों की घटनाएँ समय-समय पर सामने आती रहती हैं। इसके साथ ही इलाके में सर्चिंग बढ़ा दी गई है।

दूसरी ओर, मध्यप्रदेश में नक्सलियों ने हथियार छोड़कर समाज की मुख्यधारा में जुड़ गए हैं। बालाघाट जिले में नक्सल इतिहास में पहली बार 10 नक्सलियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सामने अपने हथियार सौंपकर आत्मसमर्पण किया। इसमें 62 लाख रुपए के इनामी हार्डकोर नक्सली सुरेंद्र उर्फ कबीर भी शामिल हैं। सभी 10 नक्सलियों पर मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और महाराष्ट्र में कुल 2 करोड़ 36 लाख रुपए का इनाम घोषित था। इनमें चार महिला और छह पुरुष नक्सली हैं।




































