RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ में बहुचर्चित भारत माला परियोजना से जुड़े मुआवजा वितरण मामले ने अब जांच एजेंसियों का पूरा ध्यान खींच लिया है। करोड़ों रुपये के लेनदेन और दस्तावेजी गड़बड़ियों की आशंका के बीच प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार सुबह प्रदेश में बड़ी कार्रवाई शुरू की। भारत माला प्रोजेक्ट मुआवजा घोटाले को लेकर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार तड़के छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और महासमुंद में एक साथ छापेमारी की।

सूत्रों के मुताबिक, यह कार्रवाई हरमीत खनूजा, उनके सहयोगियों और इस मामले से जुड़े कुछ अधिकारियों के ठिकानों पर की गई है।करीब 9 ठिकानों पर छापा मारा गया है। ईडी की 7 अलग-अलग टीमें एक साथ कार्रवाई में जुटी हुई हैं। फिलहाल अधिकारी मौके पर महत्वपूर्ण दस्तावेजों और डिजिटल उपकरणों की बारीकी से जांच कर रहे हैं। जांच एजेंसी को संदेह है कि मुआवजा वितरण प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं हुई हैं।

महासमुंद में ईडी की टीम दो गाड़ियों में पहुंची और बसंत कॉलोनी स्थित कारोबारी जशबीर सिंह बग्गा के निवास पर छापेमारी की। जशबीर सिंह बग्गा होंडा शोरूम के मालिक बताए जा रहे हैं। टीम उनके घर पर मौजूद फाइलों और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रही है। फिलहाल, ईडी की छापेमारी जारी है और जांच पूरी होने के बाद मुआवजा घोटाले से जुड़े और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

सूत्रों के अनुसार, रायपुर और महासमुंद में फैले इन ठिकानों पर एक साथ छापा मारकर ईडी ने नेटवर्क से जुड़े सबूतों को खंगालना शुरू किया है। यह मामला विधानसभा बजट सत्र 2025 के दूसरे दिन उस वक्त चर्चा में आया, जब नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने मुआवजा वितरण में गड़बड़ी का मुद्दा उठाया। इसके बाद इस पूरे प्रकरण की जांच का फैसला लिया गया, जिसके तहत अब ईडी की कार्रवाई सामने आई है।

बता दें कि छत्तीसगढ़ में भारत माला परियोजना के तहत रायपुर से विशाखापट्टनम तक करीब 950 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण प्रस्तावित है। इसमें रायपुर से विशाखापट्टनम तक फोरलेन सड़क, दुर्ग से आरंग तक सिक्स लेन सड़क, इस परियोजना के लिए बड़ी संख्या में किसानों की जमीन अधिग्रहित की गई। नियमों के मुताबिक, इसके बदले किसानों को मुआवजा दिया जाना था, लेकिन कई किसानों को अब तक मुआवजा नहीं मिल पाया।




































