KONDAGAON NEWS. छत्तीसगढ़ ग्राम रोजगार सहायक संघ के द्वारा आज मंगलवार को कोण्डागांव के डीएनके मैदान में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में ग्राम रोजगार सहायक शांतिपूर्ण तरीके से मैदान में एकत्र हुए और शासन से लंबित मांगों के समाधान की अपील की। धरना प्रदर्शन के पश्चात संघ के पदाधिकारी एवं सदस्य रैली के रूप में कोण्डागांव के अनुविभागीय दंडाधिकारी कार्यालय पहुंचे। जहां उन्होंने तीन सूत्रीय मांगों को प्रमुखता से रखते हुए ज्ञापन सौंपा।

इस बारे में जानकारी देते हुए छत्तीसगढ़ ग्राम रोजगार सहायक संघ के जिलाध्यक्ष ईश्वर दयाल ठाकुर ने बताया कि, प्रदेश के कुछ जिलों में पंचायत सचिव भर्ती पर रोक होने के बावजूद ग्राम रोजगार सहायकों को लंबे समय से अनदेखा किया जा रहा है, जबकि वे 2006 से सेवाएं दे रहे हैं और पंचायत के कार्यों का व्यापक अनुभव रखते हैं।
उन्होंने मुख्य मांगों के बारे में आगे बताया कि, सचिव भर्ती प्रक्रिया में ग्राम रोजगार सहायकों को प्राथमिकता देते हुए कम से कम 30 प्रतिशत का अनुभव अंक प्रदान किए जाएं। ग्राम रोजगार सहायकों का संविदा आदेश शीघ्र जारी किया जाए और आगामी सचिव भर्ती में ग्राम रोजगार सहायकों को वरीयता के आधार पर शामिल किया जाए। संघ ने शासन से यह आग्रह भी किया कि भविष्य की सुरक्षा तथा सेवाओं के नियमितीकरण से संबंधित मांगों का शीघ्र समाधान किया जाए।

सीपीई का एक दिवसीय धरना प्रदर्शन
इधर जिला मुख्यालय कोण्डागांव के डीएनके मैदान में कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया द्वारा मंगलवार को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया। पार्टी के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने विभिन्न सामाजिक वर्गों के विरुद्ध बढ़ रहे अत्याचार और अन्याय को लेकर अपनी कड़ी आपत्ति जताई। कार्यक्रम के समापन के बाद आंदोलनकारियों ने राष्ट्रपति, राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन कोण्डागांव तहसीलदार को सौंपा।
धरना स्थल पर मौजूद कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया के जिला सचिव शैलेश के अनुसार, आदिवासियों, दलितों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं पर हो रहे अपराध, शोषण और अन्याय पर रोक लगाने के लिए तत्काल ठोस कदम उठाए जाना आवश्यक है। जिला सचिव शैलेश ने बताया कि अपराधों के दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा जिन मामलों में सूचना मिलने के बाद भी आवश्यक वैधानिक कार्रवाई नहीं होती और पीड़ितों को सुरक्षा उपलब्ध नहीं कराई जाती, ऐसे जिम्मेदार लोक या सरकारी सेवकों पर भी कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।

सीपीई ने यह भी मांग रखी कि समाज के कमजोर वर्गों को न्याय, सुरक्षा और सम्मान की गारंटी मिले। साथ ही संविधान में निहित समानता, धर्मनिरपेक्षता और सामाजिक न्याय के मूल्यों की रक्षा सुनिश्चित की जाए। इन पांच प्रमुख मांगों के समर्थन में धरना–प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपते हुए पार्टी ने शासन से तत्काल हस्तक्षेप की अपील की है।





































