INDORE NEWS. दिल्ली में हुए बम धमाकों का असर मध्य प्रदेश के इंदौर में देखने को मिल रहा है। खासतौर पर महू का इस घटना से संबंध निकलने के बाद इंदौर पुलिस ज्यादा ही सक्रिय हो गई है। कमिश्नरेट ने सुरक्षा और कानून व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए होटल, धर्मशाला, लॉज, हॉस्टल सहित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में सघन चेकिंग अभियान चलाया है।
इस अभियान के तहत किराएदारों, कामगारों, होटल में रुकने वालों और श्रमिकों की जानकारी संबंधित पुलिस थानों में न देने वाले मकान और व्यवसाय मालिकों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 223/233 के तहत कार्रवाई की गई है। अब तक 70 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।

मकान व व्यवसाय मालिकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई
पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई का मकसद संदिग्ध गतिविधियों पर रोक लगाना है। पुलिस थाना गांधीनगर, एमआईजी, कनाडिया, परदेशीपुरा, एमजी रोड, भंवरकुआ सहित विभिन्न थानों की टीमों ने मकान मालिकों मुकेश चौहान, शिवनारायण मालवीय, दीनदयाल कुमावत, हिमांशु कारिया, हितेश रायकवार, कमल कुशवाह, रवि मंगवानी सहित अन्य के खिलाफ वैधानिक कार्यवाही की।
इसी तरह व्यवसाय मालिकों में मल्हारगंज के शुभम मिश्रा, यशदीप सोलंकी, विजय नगर के मयंक जीनवाल, उषा बुसारिया, लसुड़िया के गौरव सिंह, मनीष व अन्य के खिलाफ भी कार्यवाही हुई है। अगर आप इस तरह की कार्रवाई से बचना चाहते हैं, तो अपने किरायेदारों का समय रहते पुलिस वैरिफिकेशन जरूर करवा लें।

होटल संचालकों पर भी शिकंजा
इसी क्रम में राजेंद्र नगर, एमआईजी, लसुड़िया, छोटी ग्वालटोली और हीरा नगर क्षेत्रों के होटल संचालक निर्भयसिंह, राजकुमार प्रजापत, संदीप विश्वकर्मा, नरेश पांड्या व विजय कौशल के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
पुलिस आयुक्त का सख्त आदेश
पुलिस आयुक्त संतोष कुमार सिंह ने बताया कि भारतीय नागरिक संहिता की धारा 163 के तहत जारी किए गए प्रतिबंधात्मक आदेशानुसार सभी मकान और दुकान मालिकों को अपने किराएदारों, कामगारों, छात्रावास के छात्रों तथा होटल-धर्मशाला के रहने वालों की जानकारी संबंधित पुलिस थानों में नियमित रूप से देना अनिवार्य है। इस आदेश का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।

जनता से पुलिस की अपील
पुलिस ने आमजन से भी अपील की है कि वे अपने क्षेत्र में काम करने वाले या ठहरने वाले लोगों की जानकारी पुलिस को अवश्य दें। ऐसा होने पर किसी भी संदिग्ध घटना को समय रहते रोका जा सकेगा। यह सुरक्षा का एक अहम हिस्सा है और इसी से शहर में कानून-व्यवस्था सुदृढ़ रहेगी।

यह कार्रवाई इंदौर में बढ़ती अपराध दर पर लगाम लगाने और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए पुलिस की सतर्कता बढ़ाने के लिए जरूरी है। शहर की सुरक्षा के लिए अपराधियों के साथ मिलीभगत या किसी तरह की की गई लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।



































