JAGDALPUR NEWS. प्रदेश में SIR प्रक्रिया को लेकर पूर्व मंत्री एवं कांग्रेस के नेता टीएस सिंहदेव ने सवाल उठाया है।जगदलपुर के दौरे में पहुंचे टीएस सिंहदेव ने SIR की प्रक्रिया को दूषित बताया। उन्होंने कहा, वोट चोरी की बात को जितना जल्दी हो सके चुनाव आयोग को स्वीकार कर लेना चाहिए। टीएस सिंहदेव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा SIR के तहत सिर्फ उनका ही नाम अब वोटर लिस्ट में होगा जो भाजपा को वोट देते हैं।

टीएस सिंहदेव SIR प्रक्रिया को लेकर आपत्ति जताते हुए कहा आयोग ने SIR की प्रक्रिया को बेहद जटिल बना दिया है। लोगों को SIR के तहत दस्तावेजों के फोटोकॉपी का गैर जरूरी खर्च उठाना पड़ेगा। साथ ही लोगों को अपनी फोटो खिंचवाने के लिए भी परेशान होना पड़ेगा। टीएस सिंहदेव ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा SIR के तहत सिर्फ उनका ही नाम अब वोटर लिस्ट में होगा जो भाजपा को वोट देते हैं।

छत्तीसगढ़ में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के तहत 4 नवंबर से घर-घर गणना चरण की शुरुआत हो गई है। इस प्रक्रिया में बीएलओ घर-घर जाकर मतदाता परिचय पत्र का सत्यापन करेंगे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी यशवंत कुमार ने बताया था कि राज्य में जिनका नाम साल दो हजार तीन के एसआईआर में हैं, उन्हें दस्तावेज देने की जरूरत नहीं है। केवल पांच से छह प्रतिशत मतदाताओं को ही दस्तावेज देने की जरूरत होगी।

उन्होंने बताया कि असुविधा होने पर बीएलओ मतदाता हेल्पलाइन नंबर एक-नौ-पांच शून्य पर कॉल रिक्वेस्ट के माध्यम से मदद ली जा सकती है। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने बताया कि यदि गणना प्रपत्र में दिए गए पिछले एसआईआर निर्वाचन नामावली के विवरण उपलब्ध नहीं है या डेटा बेस से मेल नहीं खाता है, तो निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी ऐसे मतदाताओं को नोटिस जारी करेंगे। नोटिस प्राप्त होने के बाद मतदाताओं को तेरह दस्तावेजों जैसे – पासपोर्ट, जन्म प्रमाण पत्र, अस्थायी निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र में से कोई एक दस्तावेज जमा करने होंगे।





































