OMKARESHWAR NEWS. मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग तीर्थ में ममलेश्वर लोक परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों का विरोध तेज हो गया है। ब्रह्मपुरी क्षेत्र में प्रस्तावित इस परियोजना के कारण कई मकान, दुकानें, आश्रम और धर्मशालाओं को हटाने का प्रस्ताव है।
इसे लेकर स्थानीय नागरिक और संत समाज ने आक्रोश जाहिर किया है। सोमवार को पूरे ओंकारेश्वर में दुकाने, होटल, ऑटो-टेंपो का तीन दिनों का ऐच्छिक बंद रखा गया, जिससे शहर की रौनक ठप पड़ गई है।

120 करोड़ रुपये की है परियोजना
ब्राह्मणीपुर में प्रस्तावित 120 करोड़ रुपये की ममलेश्वर लोक परियोजना को लेकर स्थानीय लोगों ने जगह बदलने की मांग की है। रविवार को सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक नारायण पटेल समेत कई जनप्रतिनिधियों की बैठक हुई। मगर, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि परियोजना इसी निर्धारित स्थान पर बनेगी। यह जवाब मिलने के बाद स्थानीय लोगों में डर और आक्रोश दोनों बढ़ गए हैं।

संत समाज हुआ आमने सामने
संत मंगलदास त्यागी, महामंडलेश्वर बजरंग दास और महंत श्यामसुंदर दास समेत कई पूजारी और साधुओं ने चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि यदि ममलेश्वर लोक का स्थान नहीं बदला गया और आश्रम-मठ तोड़े गए, तो देशभर से बड़ी संख्या में संत ओंकारेश्वर में उतरेंगे। संत समाज ने इस परियोजना को तीर्थ नगरी की मर्यादा पर खतरा बताया है और विरोध का ऐलान किया है।

प्रशासन ने मांगे सुझाव, कानून व्यवस्था का दिया भरोसा
खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने कहा, “स्थानीय लोगों से सुझाव लिए गए हैं और श्रद्धालुओं को कोई परेशानी नहीं होगी। यदि विवाद खत्म नहीं होगा, तो प्रशासन अपनी योजना के अनुसार जरूरी कार्रवाई करेगा। कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।”

श्रद्धालुओं को हो सकती है परेशानी
तीर्थनगरी में तीन दिन के ऐच्छिक बंद के कारण श्रद्धालुओं को भारी असुविधा का सामना करना पड़ सकता है। स्थानीय व्यवसायी, होटल संचालक और ऑटो-टेंपो संचालक सभी बंद में शामिल हैं। क्षेत्रवासियों का कहना है कि सरकार को उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए, वरना आंदोलन और तेज होगा।

































