INDORE NEWS. इंदौर के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर नारू उर्फ नारायण वर्मा को बुधवार रात सिरपुर के पास एक मकान से धर दबोचा गया। उसके साथ भूपेंद्र चीनू काला, कृष्णकांत बाघमारे और अजय चौहान भी गिरफ्त में हैं। डीसीपी जोन-4 आनंद कलादगी ने बताया कि टीआई मनीष मिश्रा की टीम ने मुखबिर की सूचना पर छापा मारा।

दोस्त को बनाया निशाना
नारू जमानत पर बाहर आते ही अपराध की दुनिया में लौट आया था। उसने 25 नवंबर की रात अपने ही दोस्त अमित वर्मा का अपहरण कर लिया। जबरन कार में बिठाकर जामगेट ले गया और डंडे-स्टिक से पीटा। बोला, “डीजे-साउंड का काम कर कमाए हैं, जेल में मिलने नहीं आया, अब 1 लाख दे।”

इतना ही नहीं ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने की कोशिश भी की। अमित किसी तरह से वहां से बचकर इंदौर वापस लौटा। बुधवार को थाने में शिकायत के लिए पहुंचा, तो दिन भर इंतजार करना पड़ा। शाम को कमिश्नर निरीक्षण से पहले FIR दर्ज हुई।

पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
नारू का अपराधी इतिहास लंबा है। मई 2024 में जमानत पर छूटा तो फ्लेक्स व्यापारी से 2 लाख वसूलने पहुंचा। तत्कालीन टीआई अनिल गुप्ता ने पकड़ा, तो वर्दी का स्टार नोच लिया। परिवार ने पथराव किया था। अमित-भूपेंद्र पर तेजाजी नगर में हत्या का प्रयास का केस है।

साल 2022 में नारू ने चिंटू की हत्या कर शव लोहे के ड्रम में जलाया, अवशेष नर्मदा में बहाए। इस हत्याकांड का खुलासा करीब 3 माह बाद में हुआ था। तेजाजी नगर-राजेंद्र नगर की दो वारदातें भी कबूल लीं।




































