RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ में सूदखोरी, रंगदारी और अवैध हथियार रखने के आरोप में 151 से फरार चल रहे हिस्ट्रीशीटर वीरेंद्र सिंह तोमर उर्फ रूबी सिंह तोमर को रायपुर पुलिस ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर से पकड़ा है। पुरानी बस्ती और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम तोमर बंधुओं की लगातार तलाश कर रही थी। इसी बीच टीम ने ग्वालियर में दबिश देकर वीरेंद्र को गिरफ्तार कर रायपुर लेकर आ रही है। हालांकि भाई रोहित तोमर अब भी फरार है। रायपुर पुलिस के अधिकारी आज यानी 9 नवंबर को आरोपी की गिरफ्तारी का खुलासा करेंगे।

पुलिस के मुताबिक वीरेंद्र सिंह तोमर पर पहला मामला 2006 में दर्ज हुआ था। पुलिस ने इसे आदतन अपराधियों की लिस्ट में डाला है। वीरेंद्र के खिलाफ 6 से ज्यादा अलग-अलग थानों में केस दर्ज है। इनमें मारपीट, उगाही, चाकूबाजी, ब्लैकमेलिंग और आर्म्स एक्ट के केस शामिल है। वीरेंद्र सिंह उर्फ रूबी तोमर रायपुर का आदतन अपराधी है। आरोप के अनुसार अपने छोटे भाई रोहित तोमर और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मिलकर सूदखोरी का काम करता है।

दरअसल, करीब 5 महीने पहले प्रॉपर्टी डीलर दशमीत चावला ने वीरेंद्र के भाई रोहित तोमर के खिलाफ मारपीट का आरोप लगाकर तेलीबांधा थाने में FIR दर्ज कराई थी। FIR के बाद से रोहित तोमर फरार हो गया। रोहित के फरार होने के बाद उसका भाई वीरेंद्र तोमर भी गायब हो गया था। पुलिस ने वीरेंद्र सिंह तोमर के घर की तलाशी ली तो उसके घर में अवैध हथियार पुलिस को मिला था। पुलिस ने वीरेंद्र सिंह के ऊपर आर्म्स एक्ट के तहत FIR दर्ज की थी।

बार-बार बदल रहा था लोकेशन
गौरतलब है कि दोनों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अपनी लोकेशन बार-बार बदलनी शुरू कर दी थी। जांच में सामने आया कि ये लोग मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ की सीमाओं पर लगातार मूव कर रहे थे ताकि पुलिस की पकड़ में न आएं। फिलहाल पुलिस ने वीरेंद्र तोमर की गिरफ्तारी की आधिकारिक पुष्टि कर दी है, जबकि रोहित तोमर की तलाश अभी जारी है। पुलिस टीम उसके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है। वीरेंद्र तोमर को सड़क के रास्ते रायपुर लाया जा रहा है।

महिलाओं के नाम पर ब्लैंक चेक लेते थे तोमर ब्रदर्स
रोहित और वीरेंद्र जब भी किसी को पैसा देते, चाहे 50 हजार रुपए क्यों न हो। उसके बदले में ब्लैंक चेक लेते थे। उसमें हस्ताक्षर करवाते और अंगूठा भी लगवाते। फिर लोगों को दबाव बनाकर उनकी जमीन, मकान, दुकान और गाड़ी अपने नाम कर लेते। रायपुर के तोमर बंधु लंबे समय से शहर में अवैध सूदखोरी और रंगदारी के मामलों को लेकर चर्चा में रहे हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, इनके खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी, वसूली और अवैध लेनदेन से संबंधित कई मामले दर्ज हैं। पुलिस और प्रशासनिक अमले ने हाल के महीनों में इनके ठिकानों पर लगातार कार्रवाई की है।




































