PATNA NEWS. मोकामा के दुलारचंद यादव हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई करते हुए शनिवार की देर रात पटना पुलिस ने पूर्व विधायक और एनडीए उम्मीदवार अनंत सिंह को बाढ़ के कारगिल मार्केट से गिरफ्तार कर लिया। इससे पहले उनके सरेंडर की संभावना जताई जा रही थी। इसी सूचना पर एसएसपी की टीम उनके घर पहुंची थी। उनसे आगे की पूछताछ और कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी ने चुनावी माहौल में सरगर्मी बढ़ा दी है। जानकारी के मुताबिक, दुलारचंद हत्याकांड सुर्खियों में था। इस मामले में कई अहम सुराग पुलिस के हाथ लगे थे।

जांच में सामने आया कि हत्या की साजिश में कुछ प्रभावशाली लोगों की संलिप्तता हो सकती है। इसी कड़ी में पुलिस की नजर पूर्व विधायक अनंत सिंह पर भी पड़ी थी। देर रात जब पुलिस टीम मोकामा पहुंची तो इलाके में अफरातफरी का माहौल बन गया। बड़ी संख्या में पुलिस बल की मौजूदगी के बीच अनंत सिंह के आवास की तलाशी ली गई और फिर उन्हें पूछताछ के लिए साथ ले जाया गया। इस बीच, मोकामा और आसपास के इलाकों में पुलिस की गतिविधि बढ़ा दी गई है। उनके समर्थकों पर भी पुलिस की नजर है ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बन पाए।

स्थानीय सूत्रों का कहना है कि देर रात से ही अनंत सिंह के घर के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया था और उन्हें गिरफ्तार किया गया है। अनंत सिंह को इससे पहले 2019 में उनके घर से एके-47 बरामदगी मामले में 10 साल की सजा हुई थी। लेकिन 2024 में वे बरी हो गए। तब उनके पुश्तैनी मकान से एके-47 और सरकारी आवास से बुलेट प्रूफ जैकेट बरामद हुआ था। बरी हाेने के बाद पिछले साल 16 अगस्त काे बेऊर जेल से निकले थे। 2022 में जब उन्हें 10-10 साल की सजा हाे गई तब उनकी विधायिकी चली गई। उसके बाद माेकामा में उप चुनाव हुआ।

अनंत की पत्नी नीलम देवी राजद के टिकट पर चुनाव लड़ीं और जीत गईं। पिछले साल जनवरी में जब सत्ता परिवर्तन हुआ ताे नीलम ने राजद छाेड़ दिया और जदयू का दामन थाम लिया। इसके बाद जनवरी 2025 में नौरंगा गांव में अनंत सिंह और सोनू-मोनू गैंग के बीच माेकामा के पंचमहला थाना के नाैरंगा गांव में गोलीबारी हुई थी। 60-70 राउंड फायरिंग हुई थी। इस मामले में अनंत सिंह ने बाढ़ काेर्ट में सरेंडर किया था। उन्हें बेउर जेल भेजा गया था। इसके बाद वे 5 अगस्त 2025 को जेल से बाहर आए थे।

इससे पहले इस मामले में चुनाव आयोग ने शनिवार को बड़ी कार्रवाई की। जांच के क्रम में पुलिस-प्रशासन की लापरवाही सामने आई थी। आयोग ने बाढ़ एसडीपीओ टू के साथ ही भदाैर और घाेसवरी थानेदार काे निलंबित कर दिया है। बाढ़ के एसडीओ और एसडीपीओ वन काे हटा दिया है। बाढ़ में नए एसडीओ और दाेनाें एसडीपीओ की पाेस्टिंग भी कर दी गई है। ग्रामीण एसपी विक्रम सिहाग का भी तबादला कर दिया गया। नए ग्रामीण एसपी के लिए चुनाव आयाेग ने बिहार के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी से आईपीएस पैनल मांगा है। चुनाव आयाेग ने पहली बार इस चुनाव में कार्रवाई की। साथ ही नए अधिकारियाें की पाेस्टिंग की।
आयोग ने बाढ़ के एसडीपीओ टू अभिषेक कुमार काे निलंबित कर दिया। उनकी जगह पर आयोग ने एटीएस बिहार के डीएसपी आयुष श्रीवास्तव की पाेस्टिंग कर दी है। बाढ़ के एसडीओ चंदन कुमार की जगह पटना नगर निगम के अपर आयुक्त आशीष कुमार को बाढ़ एसडीओ की जिम्मेदारी दी गई है। बाढ़ के एसडीपीओ वन राकेश कुमार काे भी हटा दिया गया है। उनकी जगह सीआईडी के डीएसपी आनंद कुमार काे नियुक्त किया गया है। दुलारचंद यादव की हत्या गुरुवार काे हुई थी।
जानिए पूरा मामला
दो दिन पहले गुरुवार को चुनावी रंजिश में माेकामा के भदाैर थाना सीमा पर बसावनचक टाल के पास माेकामा विधानसभा से जनसुराज के प्रत्याशी प्रियदर्शी पीयूष के समर्थक दुलारचंद यादव काे पहले दाे गाेली मारी गई फिर गाड़ी चढ़ा कर राैंद दिया गया। उनकी माैके पर माैत हाे गई। घटना उस वक्त हुई जब अनंत सिंह और उनके समर्थकाें का काफिला 40 गाड़ी से तारतर से बसावनचक की ओर जा रहा था। दूसरी तरफ से प्रियदर्शी पीयूष, उनके मुंह बाेले चाचा दुलारचंद यादव और उनका काफिला खुशहालचक से बाटा चाैक की ओर जा रहा था। इसी बीच बसावन चक के पास दाेनाें समर्थकाें के बीच भिड़ंत हाे गई। दाेनाें ओर से पथराव हाेने लगा। प्रियदर्शी पीयूष के साथ मारपीट हाेने लगी। पथराव और ताेड़फाेड़ हाेने लगा। दुलारचंद यादव गाड़ी से नीचे उतरे हुए थे। इसी बीच अनंत के समर्थकाें की ओर से 10-12 राउंड गाेली चली। दुलारचंद यादव के पैर में दाे गाेली लगी। वे वहीं पर गिर गए। उसके बाद अनंत के समर्थकाें ने उनपर थार गाड़ी चढ़ा दी, जिससे उनकी माैके पर माैत हाे गई। परिजन शव को उठाकर तारतर गांव ले आए।




































