RAIPUR NEWS. छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में डीजीपी और आईजी कॉन्फ्रेंस हुई। तीन दिनों तक देश के गृह मंत्री अमित शाह फ्यूचर पुलिसिंग को लेकर मंथन करते रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दो दिनों तक इस हाई प्रोफाइल बैठक में शामिल हुए। आखिर क्या कुछ तय हुआ इस बैठक में आपको इस रिपोर्ट में हम आपको बताते हैं।

भारत की पुलिस व्यवस्था को लेकर की जाने वाली सबसे महत्वपूर्ण बैठक रायपुर में हुई। यह थी 60वीं ऑल इंडिया डिजीपी/आईजी कॉन्फ्रेंस। नया रायपुर का इंडियन इंस्टीट्यूट आफ मैनेजमेंट भारत सरकार का अभेद्य किला बना हुआ था, क्योंकि यहां मौजूद थे भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, देश के गृह मंत्री अमित शाह। भारतीय खुफिया एजेंसी रॉ और इंटेलिजेंस ब्यूरो के डायरेक्टर, भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल।

भारत में भविष्य की पुलिसिंग कैसी होगी इसका पूरा रोड मैप रायपुर में ही तय किया गया। यहां जो कुछ तय किया गया, वह सब कुछ अब पूरे देश की पुलिस लागू करेगी। आखिर क्या कुछ तय हुआ आपको इन महत्वपूर्ण बातों को समझते हैं। तीन दिनों तक चली बैठक में देश के गृह मंत्री अमित शाह ने नारकोटिक्स के मामले यानी कि देश में अवैध तरीके से पहुंचाई जा रही ड्रग्स हीरोइन, चरस, गांजा पर नकेल कसने पर खासा जोर दिया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यंग आईपीएस ऑफिसर से भी मिले और अनुभवी डीजीपी से भी, इस दौरान उन्होंने बेस्ट प्रैक्टिस करने वाले थानों के अनुभवों को देशभर में साझा करने पर जोर दिया। इस बात पर भी प्रधानमंत्री जोर देते नजर आए कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और साइबर क्राइम से जुड़े अपराध को सुलझाने में जितने ज्यादा नए प्रयोग हो तो बेहतर।
देश की आंतरिक सुरक्षा पर भी राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की नजर थी। अजीत डोभाल की मौजूदगी में छत्तीसगढ़ नॉर्थ ईस्ट के राज्य जम्मू कश्मीर, बंगाल की पुलिस अधिकारियों ने महत्वपूर्ण जानकारी दी। इस मीटिंग के दौरान नक्सलवाद तो मुद्दा था ही ऐसे राज्य जिनसे पाकिस्तान, बांग्लादेश, चीन जैसे देश की सीमा लगती है, वहां पर आंतरिक सुरक्षा को लेकर बेहद गोपनीय चर्चा भी हुई।

10 बिंदुओं में समझिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पुलिसिंग को लेकर क्या कुछ निर्देश दिए
1. पुलिस को युवाओं आम जनता के बीच अपनी छवि और धारणा बदलने की जरूरत।
2. शहरी पुलिस व्यवस्था को बेहतर करना होगा, पर्यटक स्थलों की पॉलिशिंग पर खास जोर दिया जाना जरूरी है ताकि पर्यटक सुरक्षित रहें।
3. भारतीय न्याय संहिता में लागू किए नए कानून को प्रभावी ढंग से अपराधियों को सजा दिलाने में इस्तेमाल करना और उनकी जानकारी जनता तक भी पहुंचने पर जोर।
4. देश के सामान्य राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में राष्ट्रीय खुफिया ग्रेड के डेटाबेस को प्रभावित तरीके से इस्तेमाल करने पर जोर।
5. देश की आंतरिक सुरक्षा को बेहतर करने में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करने पर जोर।
6. फॉरेंसिक जांच को नई तकनीक और केस स्टडी को शैक्षणिक संस्थानों में भी साझा करने पर मजबूती से काम करने के निर्देश।
7. नक्सलवादियों और आतंकवादियों के प्रति प्रतिबंधित संगठनों पर समय-समय पर निगरानी रखने पर जोर।
8. नशीली दवा या ड्रग्स का इस्तेमाल करने वालों के खिलाफ कार्रवाई के साथ-साथ उनके पुनर्वास पर भी फोकस करने का पुलिस को जिम्मा।
9. समुद्र तटों से लगी हुई जगह पर पुलिस का विशेष फोकस।
10.आतंकवाद, कट्टरपंथी महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने में तकनीक का इस्तेमाल विदेश में रह रहे भारतीय
भगोड़ों को वापस लाने की रणनीतियां तैयार करने के निर्देश दिए गए।

इन सबके अलावा विजन 2047 की दिशा में पुलिस की टीम काम करें इस पर भी बातचीत हुई। क्योंकि पूरे राज्य की पुलिस पैरा मिलिट्री फोर्स डिजास्टर मैनेजमेंट की टीम इस मीटिंग का हिस्सा थी। प्रधानमंत्री ने सभी को आपसी कोआर्डिनेशन के साथ चक्रवात बाढ़ और प्राकृतिक आपदा की स्थिति में बेहतर मैनेजमेंट सिस्टम तैयार करके काम करने के लिए कहा। प्रधानमंत्री ने इस डीजी कांफ्रेंस के दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारियों को विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस मेडल भी दिए। उन्होंने शहरी पुलिस व्यवस्था में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तीन शहरों को पुरस्कार भी दिए । इस बैठक में 700 से ज्यादा अधिकारियों ने वर्चुअली अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।




































