JAISALMER NEWS. राजस्थान के जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर मंगलवार दोपहर दर्दनाक हादसा हुआ। केके ट्रेवल्स की एसी स्लीपर बस में करीब 3:30 बजे अचानक आग लगने से 12 यात्रियों की जान चली गई। बताया जा रहा है कि बस में 57 यात्री सवार थे। इनमें से 16 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं, जिनका इलाज जोधपुर के महात्मा गांधी और एमडीएम अस्पताल में जारी है।
हादसे के पीछे शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट वजह बना। मगर, आग फैलने की सबसे बड़ी वजह बस की डिग्गी में रखे गए पटाखे थे, जिससे आग की लपटें विकराल हो गईं। बस की फाइबर बॉडी, सीटों पर कपड़े, बिना मंजूरी के लगे एसी सिस्टम और संकरी गैलरी होने से आग ने पूरी बस को मिनटों में घेर लिया।

जैसलमेर-जोधपुर हाईवे पर 57 यात्रियों से भरी AC बस में आग लगने से 12 लोगों की मौत की घटना, अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण और दुखद है। यह घटना परिवहन विभाग की गंभीर लापरवाही का परिणाम है। हम इस हादसे पर गहरा शोक व्यक्त करते हैं और दोषियों के खिलाफ कठोर और त्वरित कार्रवाई की मांग करते है। pic.twitter.com/gKVySR5nB1
— Hansraj Meena (@HansrajMeena) October 15, 2025
आग से लॉक हो गया दरवाजा
स्थानीय लोगों के अनुसार, तेज धमाके जैसी आवाज आई और लपटों में यात्री फंस गए। दरवाजा लॉक हो गया, जिससे लोग बाहर नहीं निकल पाए। कुछ यात्रियों ने खिड़की तोड़कर निकलने की कोशिश की, पर कम ही बच सके। हादसे ने स्लीपर बसों की सुरक्षा और इमरजेंसी निकास की कमी को उजागर कर दिया है।

लापरवाही की पोल खुली
इस दर्दनाक घटना के बाद बस मालिक और परिवहन विभाग की जिम्मेदारी पर सवाल उठ रहे हैं। बस को बिना तकनीकी मंजूरी के लोकल तौर पर मॉडिफाई किया गया था। इसकी डिग्गी में पटाखे जैसी ज्वलनशील सामग्री थी, जो नियमों का खुला उल्लंघन है। सुरक्षा के लिए बस में सिर्फ एक गेट था, इमरजेंसी एक्जिट नहीं था। आग लगने की वजह से वायर जल गए और गेट लॉक हो गया।

सेना और स्थानीय लोगों का रेस्क्यू ऑपरेशन
हादसे की खबर मिलते ही सेना, पुलिस और स्थानीय लोग तुरंत पहुंचे। जेसीबी की मदद से बस का गेट तोड़ा गया और घायलों को बाहर निकाला गया। हालांकि, कई और लोगों की जान बचाई जा सकती थी। मगर, गेट समय पर नहीं खुलने की वजह से सवारियां बाहर नहीं निकल सकीं और जलने या दम घुटने से उनकी मौत हो गई।

डीएनए से होगी मृतकों की पहचान
स्थानीय लोगों ने तुरंत ही फायर ब्रिगेट को इस घटना की सूचना दी। दमकल की टीम 45 मिनट बाद पहुंची, तब तक बस पूरी तरह जल चुकी थी। झुलसे शवों की पहचान के लिए डीएनए टेस्ट शुरू किए गए हैं।

परिजनों के सैंपल लिए जा रहे हैं, जिससे मिलान के बाद शवों का अंतिम संस्कार किया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे की जांच के आदेश दिए हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई का आश्वासन दिया है।




































