BHIALI NEWS. भिलाई समेत पूरे दुर्ग जिले में लगातार तेज बारिश हो रही है। इससे बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। पिछले तीन दिनों से हो रही बारिश से पूरा जिला तरबतर हो गया। भिलाई में चारों तरफ पानी-पानी भर गया है। सुपेला के शिव मंदिर प्रियदर्शिनी परिसर, बीजेपी कार्यालय, प्रियदर्शिनी परिसर अंडर ब्रिज, कोसा नगर, सुपेला, जुवानी, मौर्य चंद्रा के पास समेत कई जगह पानी भर गया है। हालात ऐसे हैं कि सड़कों पर करीब 3-4 फीट पानी बह रहा है। दूसरी ओर, सरगुजा, बस्तर, बिलासपुर, दुर्ग और रायपुर में बहुत भारी बारिश देखने को मिल रही है। बारिश की वजह से छत्तीसगढ़ में तापमान में भी गिरावट आई है। ऐसे में मौसम विभाग ने 9 और 10 जुलाई को बिसासपुर, दुर्ग और रायपुर संभाग में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।
वहीं दुर्ग में पिछले 8 घंटे से हो रही बारिश के कारण दुर्ग भिलाई के कई इलाके जलमग्न हो चुके हैं तो वही भिलाई का चंद्रा मौर्य अंडर पास और सुपेला अंडर पास पूरी तरह से पानी से लबालब है। इसके कारण आवाजाही बंद कर दी गई है। मौसम विभाग ने अगले दो दिन(9-10 जुलाई) के लिए दुर्ग में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। वहीं अगर छत्तीसगढ़ में बारिश के ग्राफ की बात कि जाए तो पिछले 24 घंटे में रायपुर, दुर्ग, बिलासपुर, में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। वहीं सबसे ज्यादा बारिश 107.9 mm राजनंदगांव के छुरिया जिले में दर्ज की गई है।
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इस बीच, भिलाई क्षेत्र में बारिश के कारण जल भराव की स्थिति निर्मित न हो व सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महापौर नीरज पाल, एमआईसी सदस्य लक्ष्मीपति राजू ने क्षेत्रों का दौरे किए। जुनवानी रोड स्थित कॉलेज के समीपस्थ बड़ा नाला, स्कूल के सामने नाला, वार्ड 14 शांति नगर, वार्ड 17 नेहरू भवन, सुपेला के मोहल्लों में छोटे नालों का निरीक्षण किया. यहां बारिश पानी की निकासी निरंतर हो रही है। किसी प्रकार की समस्या आती है, तो सफाई कर्मी को तैनात करने स्वास्थ्य अधिकारी जावेद अली को निर्देशित किया गया।
झमाझम बारिश के चलते अंबागढ़ चौकी स्थित मोंगरा बैराज लबालब हो गया है। बैराज से शिवनाथ में 52 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। इससे शिवनाथ नदी उफान पर है। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रशासन द्वारा निचली बस्तियों में अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की टीम को भी अलर्ट मोड में रहने निर्देशित किया है। साथ ही लोगों नदी किनारे जाने से बचने और सेल्फी और रील आदि बनाने के लिए खतरा मोल नहीं लेने की गाइडलाइन जारी किया गया है।
बता दें कि नदी में बाढ़ की स्थिति निर्मित होने के बाद मोहारा सहित शिवनाथ नदी की अन्य घाटों में रोज सुबह से शाम तक लोगों की अच्छी-खासी भीड़ रहती है। मौसम विभाग के अनुसार राजनांदगांव जिले में पिछले 24 घंटों में सभी 7 तहसीलों में 502.6 मिमी एवं औसत 71.8 मिमी बारिश दर्ज की गई है। डोंगरगढ़ तहसील में 68.2 मिमी, लाल बहादुर नगर तहसील में 73 मिमी, राजनांदगांव तहसील में 72.7 मिमी, घुमका तहसील में 65.5 मिमी, छुरिया तहसील में 107.9 मिमी, कुमरदा तहसील में 74.7 मिमी, डोंगरगांव तहसील में 40.6 मिमी बारिश दर्ज की गई है. सर्वाधिक वर्षा छुरिया तहसील में 107.9 मिमी दर्ज की गई है।
लगातार बारिश के बाद जिले में बाढ़ जैसी आपदा सहित किसी भी आपातकाल से निपटने के लिए कलेक्टर व एसपी ने अधिकारी-कर्मचारियों की बैठक लेकर जरूरी दिशा-निर्देश दिया। बैठक में बताया गया कि संभावित बाढ़ एवं जल भराव की स्थिति से निपटने के लिए आपदा प्रबंधन कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसके अलावा पर्याप्त व्यवस्था की गई है। संसाधनों के रूप में जिले में 3 बोट, 6 आसता लाइट, 3 ऊंट कटर एवं पर्याप्त संया में लाइफ जैकेट उपलब्ध है. इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर 21 गोताखोर भी उपलब्ध हैं।




































