NEW DELHI NEWS. वक्फ संशोधन बिल लोकसभा में बुधवार को पारित होने के बाद गुरुवार को राज्यसभा में भी पारित कर दिया गया। करीब 12 घंटे चर्चा के बाद रात करीब 2:33 बजे अंतिम वोटिंग हुई और 128/95 वोटों से इसे पारित कर दिया गया। अब वक्फ बिल को राष्ट्रपति की मंजूरी के लिए भेजा जाएगा। राष्ट्रपति अधिसूचना जारी करेंगे और यह कानून के रूप में लागू हो जाएगा। बता दें कि एक दिन पहले लोकसभा में भी करीब 12 घंटे चर्चा के बाद वक्फ संशोधन बिल रात करीब 2:10 बजे पारित किया गया था।
इस बिल पर चर्चा के दौरान अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री किरेन रिजिजू ने राज्यसभा में दाेपहर एक बजे बिल पेश करते हुए दोहराया कि प्रस्तावित कानून मुसलमानों के खिलाफ नहीं है। इसका उद्देश्य वक्फ संपत्तियों के कामकाज में सुधार, पारदर्शिता और तकनीक आधारित प्रबंधन है। चर्चा में शामिल होते हुए स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने कहा कि यह बिल पार्टी हित नहीं, राष्ट्रहित का विषय है। जब मुस्लिम देश वक्फ की संपत्ति में पारदर्शिता ला रहे हैं तो फिर भारत में क्या दिक्कत है।
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वहीं, विपक्ष की ओर से राजद सांसद मनोज झा ने कहा, हाल में पुरानी मस्जिदों में तलाशी और पूजा स्थलों पर हमले की बातें होती रही हैं। ऐसे माहौल में बिल के कंटेंट और मंशा पर सवाल उठते हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा, आप झगड़े का बीज डाल रहे हैं। मैं अपील करता हूं कि इस बिल को वापस लिया जाए। अगर पहले के कानून में गलतियां हैं तो उसमें सुधार लाया जाए।
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इसमें दो गैर मुस्लिम सदस्यों को शामिल किया जाएगा, लेकिन क्या आप तिरुपति ट्रस्ट में किसी मुस्लिम व्यक्ति को रखेंगे? कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा, यह कानून नहीं कानूनी भाषा में लिपटी हुई मनमानी है। संविधान ने जो दिया है, यह उसे छीनने की कोशिश है। इस दौरान कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने कांग्रेस संसदीय दल की बैठक में कहा, ‘विधेयक जबरन पारित कराया गया। समाज को स्थायी रूप से तोड़ने की भाजपा की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है।
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मोदी सरकार देश को रसातल में धकेल रही है। पीएम ने 2004-2014 की कई पहलों को व्यक्तिगत उपलब्धियों के रूप में रीब्रांड, रीपैकेज किया है। भाजपा नेता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि हमने ईमानदारी से मुस्लिम समाज के कल्याण की बात की है। ये मुकाबला शराफत अली और शरारत खान के बीच है। हमारी सरकार शराफत अली के साथ है। ये गरीब मुसलमानों के दिल की कसक और कट्टरपंथी वोट के ठेकेदारों के बीच में सरकार ने गरीब मुसलमानों का साथ दिया है।
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दूसरी ओर, तमिलनाडु के सीएम, डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने विधानसभा में कहा कि पार्टी बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में मामला दायर करेगी। बिल के विरोध में सीएम काले बैज पहनकर विधानसभा आए थे। वहीं, वक्फ संशोधन बिल पर पार्टी के रुख से खफा दो जदयू के दो नेताओं ने इस्तीफा दे दिया। मो. कासिम अंसारी और मो. नवाज मलिक ने नीतीश कुमार को भेजे पत्रों में कहा कि आपने मुसलमानों का ‘सारा भरोसा खो दिया है।