MUMBAI. महाराष्ट्र विधानसभा गुजरात दंगों पर बीबीसी की एकतरफा विवादास्पद डॉक्यूमेंट्री के खिलाफ प्रस्ताव पारित करने वाली चौथी राज्य विधानसभा बन गई है. भाजपा विधायक अतुल भातखलकर की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव में कहा गया कि फिल्म ने देश की न्यायपालिका को बदनाम करने और समाज में धार्मिक विभाजन पैदा करने का प्रयास किया है. बीबीसी डॉक्यूमेंट्री के खिलाफ प्रस्ताव शनिवार को ध्वनि मत से पारित हो गया. इस प्रस्ताव पर जब बहस शुरू हुई थी सदन से विपक्ष गैर-मौजूद था.

असम
23 मार्च को असम विधानसभा ने बीबीसी डॉक्यूमेंट्री के खिलाफ एक प्रस्ताव पारित किया, जिसमें ब्रिटिश ब्रॉडकास्टर के धार्मिक समुदायों को उकसाने, धार्मिक तनाव भड़काने और भारत की वैश्विक प्रतिष्ठा को खराब करने के दुर्भावनापूर्ण, खतरनाक एजेंडे के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई. प्रस्ताव पेश करने वाले बीजेपी विधायक भुबोन पेगू ने डॉक्यूमेंट्री की रिलीज के समय पर सवाल उठा भारत के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय साजिश का आरोप लगाया. उन्होंने कहा, ‘वह एक बहुत ही दुखद और दिल दहला देने वाली घटना थी. 20 साल बाद इस पर डॉक्यूमेंट्री को बनाने के पीछे बीबीसी का मकसद क्या हो सकता है? वे इसे 2010 में या 2012 में बना सकते थे, लेकिन फरवरी 2023 में इसे प्रसारित करने के पीछे क्या मकसद है? यह भारत के राष्ट्रगुरु बनने का समय है. जी20 की अध्यक्षता संभाल पीएम नरेंद्र मोदी दुनिया को नेतृत्व दे रहे हैं. एक साल पहले 220 करोड़ लोगों को वैक्सीन देने के बाद भारत की अर्थव्यवस्था ग्रेट ब्रिटेन की अर्थव्यवस्था को पार कर दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गई, यही ब्रिटेन की असली त्रासदी है. बीबीसी की भी असली त्रासदी यही है. उन्हें इस बात का दुख हो रहा है कि जिस देश पर उन्होंने 200 वर्षों तक शासन किया, वह अब उनसे आगे बढ़कर पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया है. वे इसे हजम नहीं कर पा रहे हैं… यह भारत के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय साजिश है.’

मध्य प्रदेश
13 मार्च को भाजपा विधायक शैलेंद्र जैन ने एक निजी सदस्य का प्रस्ताव पेश करने और मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समर्थन के बाद मध्य प्रदेश विधायिका ने बीबीसी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया. ध्वनि मत से प्रस्ताव पारित होने से पहले शैलेंद्र जैन ने कहा कि बीबीसी ने 2002 के गुजरात दंगों की गलत व्याख्या करके एक आपत्तिजनक वृत्तचित्र का प्रसारण किया. इसमें पीएम नरेंद्र मोदी को खराब रोशनी में चित्रित किया. उन्होंने कहा कि वृत्तचित्र ने देश की न्यायपालिका पर भी आक्षेप लगाया है, जो अदालत की अवमानना है. उन्होंने कहा कि न्यायपालिका भारत में स्वतंत्र रूप से काम करती है. जैन ने कहा कि केंद्र सरकार को ब्रिटिश ब्रॉडकास्टर के खिलाफ कार्रवाई करनी चाहिए.

गुजरात
11 मार्च को गुजरात विधानसभा इस तरह का प्रस्ताव पेश करने वाली पहली विधानसभा बनी. इसने बीबीसी के खिलाफ एक मनगढ़ंत डॉक्यूमेंट्री प्रसारित करने के लिए सख्त कार्रवाई की मांग की, जिसे मोदी को बदनाम करने और भारत को अस्थिर करने के लिए टूल-किट के रूप में इस्तेमाल किया गया था. हालांकि अंबाजी मंदिर में प्रसाद के परिवर्तन का विरोध करने के कारण पहले निलंबित किए गए कांग्रेस विधायक विधानसभा से अनुपस्थित थे. निजी सदस्य का प्रस्ताव भाजपा के सोजित्रा विधायक विपुल पटेल द्वारा पेश किया गया था, जिसे सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों द्वारा लगभग 90 मिनट चर्चा के बाद पारित किया गया था. निजी सदस्य के प्रस्ताव के बहुमत से पारित होने के बाद स्पीकर शंकर चौधरी ने कहा था, ‘उपस्थित सभी सदस्यों द्वारा सर्वसम्मति से एक निजी सदस्य के प्रस्ताव को पारित करना एक बड़ी बात है. यह दिखाता है कि बीबीसी की डॉक्यूमेंट्री को लेकर जनता में कितना गुस्सा है.’




































