KANKER. अर्धसैनिक बलों व पुलिस के साथ मूुठभेड़ में बीते 31 अक्टूबर को मारे गए नक्सली दर्शन पद्दा का नक्सलियों ने बाकायदा स्मारक बना लिया था। सर्चिंग पर निकले पुलिस के जवानों छोटेबेठिया थाना क्षेत्र में बनाए गए इस स्मारक को ध्वस्त कर दिया है। गुरुवार को बाकायदा इसका वीडियो व फोटो जारी किया गया।

आपको बता दें कि बीते 31 अक्टूबर 2022 को अंतागढ़ अंचल के कडमे के जंगलों में डीआरजी और नक्सलियों के बीच जबरदस्त मुठभेड़ हुई थी। इसमे डीवीसी नक्सल सदस्य दर्शन पद्दा और जागेश सलाम को मार गिराया गया था। दर्शन पद्दा उत्तर बस्तर का एक बड़ा नक्सली लीडर था। इससे नक्सलियों को बड़ा नुकसान पहुंचा। बता दें कि डीवीसी सदस्य दर्शन पद्दा पहले परतापुर एरिया कमेटी का सदस्य और बड़गांव एलजीएस का कमांडर था। जबकि वह मूलत: नारायपणुपर जिले के ओरछा ब्लाक के ग्राम आमाकाल का निवासी था। उसके मारे जाने के बाद नक्सलियों ने उसे शहीद का दर्जा देते हुए उसका स्मारक बना लिया था।
नक्सली प्रतिवर्ष 28 जुलाई से तीन अगस्त तक शहीदी सप्ताह मनाते हैं। इस दौरान बस्तर के कई अंदरुनी गांवों में सभा का आयोजन किया जाता है। इसी के तहत मारे गए माओवादियों को श्रद्धांजलि देते हैं। उसी अवधि में नक्सली ऐसे स्मारकों को जंगलों के अंदर बनाते हैं। दर्शन पद्दा का स्मारक भी हाल ही में बनाया गया था। सर्चिंग पर निकले पुलिस के जवानों ने यहां घेराबंदी की और फिर इस स्मारक को ढहा दिया।

इसलिए मान रहे बड़ी सफलता
आपको बता दें कि पुलिस और अर्धसैनिक बलों की ओर से बीते कुछ समय से लगातार सफलताएं मिल रही हैं। इसी के तहत बड़ी संख्या में नक्सली मारे गए हैं और कइयों ने आत्मसमर्पण किया है। ऐसे में उनका मनोबल भी तेजी से गिरा है।

इसकी भरपाई के लिए वे शहीदी सप्ताह में भावनाओं को जगाने की कोशिश करते हैं। स्मारक बनाकर वे मारे गए नक्सलियों को रोलमाडल के रूप में पेश करते हैं। इन सबके बीच पुलिस द्वारा स्मारक ध्वस्त करने को बड़ी सफलता मानी जा रही है।



































