BHILAI. छत्तीसगढ़ का कांकेर जिला जो की अति दुर्गम एवं पिछड़ा नक्सल प्रभावित क्षेत्र है। 28 जनवरी को सुबह 07:00 बजे 14 वां आदिवासी युवा विनिमय कार्यक्रम के लिए कांकेर से युवक एवं युवतियों के पांचवे जत्थे को दुर्ग रेलवे स्टेशन से पणजी (गोवा) के लिए रवाना किया गया। जहां से यह जत्था पणजी (गोवा) में विभिन्न राज्यों के अन्य आदिवासी युवाओं से मिलकर अन्य राज्यों की संस्कृति से रूबरू होगा।

इस जत्था में 10 लड़कियां एवं 10 लड़कों सहित सीमा सुरक्षा बल के 01 पु़रूष सुरक्षा अधिकारी और 01 महिला सुरक्षा अधिकारी शामिल है। इस कार्यक्रम के अंतर्गत आदिवासी युवक एवं युवतियों को उनके उज्ज्वल भविष्य तथा अधिकार के बारे में उचित व उपयुक्त जानकारी प्रदान की जायेगी, साथ ही अन्य राज्यों से भाग लेने वाले युवक-युवतियों के साथ इनका मेल-मिलाप भी बढ़ेगा, जिससे वे एक-दूसरे की खान-पान, रहन-सहन, सांस्कृतिक गतिविधियां एवं वेशभूषा से रूबरू होंगे।
वहीं इस कार्यक्रम में सभी राज्यों के स्थानीय लोक कार्यक्रम की प्रस्तुति दी जायेगी साथ ही पणजी (गोवा) के प्रसिद्ध, दर्शनीय एवं सांस्कृतिक महत्व के स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा।

नेहरू युवा केन्द्र संगठन, नई दिल्ली एवं गृह मंत्रालय के संयुक्त तत्वाधान मे 14वां आदिवासी युवा विनिमय के द्वारा कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है, इस कार्यक्रम में कांकेर जिले मे तैनात सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के इलाके से इस वर्ष कुल 14 भ्रमण कार्यक्रम आयोजित किये जा रहे हैं।
रिसाली-भिलाई के महानिरीक्षक इन्दराज सिंह एवं उपमहानिरीक्षक (इंटेलीजेंस) दिनेश मुर्मू ने कार्यक्रम के पांचवे जत्थे को पणजी (गोवा) रवाना करते हुए सीमा सुरक्षा बल सीमांत मुख्यालय (विशेष संक्रिया) छत्तीसगढ़ को शुभकामनाएं दी है।





































