BILASPUR. नेशनल क्रिकेट टीम में चयन का सपना दिखाकर ठगी का अनोखा मामला सामने आया है। ठगी और कोई नहीं, शहर में संचालित होने वाली क्रिकेट एकेडमी के कोच ने ही की है। वह भी उसके यहां प्रशिक्षण लेने वाले बच्चों से। लाख दो लाख भी नहीं, सीधे 61 लाख रुपये का। यह पैसे उसने गोवा और मलेशिया में क्रिकेट टूर्नामेंट में खिलाने के बहाने लिया था। फिर खुद के हस्ताक्षर वाला प्रमाण-पत्र दे दिया। बाद में उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
मामले का खुलासा एसएसपी के जनदर्शन के दौरान हुआ। दरअसल, पीड़ित बच्चे की मां ने एसएसपी पारूल माथुर को बताया कि उनका बेटा 22 वर्षीय आकाश खन्ना ने ट्रेनिंग के लिए दिसंबर 2020 में प्राइम क्रिकेट एकेडमी ज्वॉइन की। वहां उनके कोच सन्नी दुआ ने उसे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्रिकेट खिलाने का सपना दिखाया गया। फिर दिसंबर 2021 में आकाश समेत अन्य बच्चों और उनके अभिभावकों को उसने ऑल इंडिया गोवा कप होने की जानकारी दी। यह भी कहा कि ये नेशनल टूर्नामेंट है और इसका सर्टिफिकेट बहुत मायने रखेगा। दोनों बच्चों को वहां ले गया और इसके लिए बेहिसाब वसूली की। भरोसा दिलाया कि जो भी खर्च होगा वह भी वापस मिल जाएगा।
बाद में कोच सन्नी ने गोवा में अपनी ही दस्तखत किया सर्टिफिकेट थमा दिया। फिर अपनी ही दुकान से आकाश को क्रिकेट किट दिया और उसका पेमेंट कराया। बिल जमा करने पर पैसा वापसी की बात भी कही। इस बीच सन्नी ने विश्वास हासिल करने के लिए किसी ने बात भी कराई। फोन में दूसरी ओर से बात करने वाले के बारे में बताया कि वह शहीद वीर नारायण सिंह इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम रायपुर का क्यूरेटर शमीम मिर्जा है। तब आकाश की मां को पूरा भरोसा हो गया कि सन्नी बिल्कुल सही बात कह रहा है। तब सन्नी ने उनसे दो लाख रुपए लिए और बताया कि सीजी स्टेट क्रिकेट बोर्ड से ये पैसा मिलेगा। दो लाख के अलावा उसने किश्तों में 2.5 लाख, आठ लाख, दो लाख, 1.5 लाख करते हुए और मलेशिया टूर्नामेंट के नाम पर भी छह लाख यानी कुल मिलाकर 61 लाख रुपए ले लिए, जबकि टूर्नामेंट आज तक नहीं हुआ। इस बीच आकाश की मां ने रुपए वापस मांगे तो भी वह टाल-मटोल करने लगा। इसके बाद उन्हें ठगी का एहसास हुआ।
– कई को बनाया निशाना, SSP से शिकायत के बाद गिरफ्तारी
आकाश के परिजन ही नहीं, सन्नी दुआ ने सुबोध दुबे, शीलू परीछा, आरके खन्ना, मंजूषा लाल, संग्राम सिंह राजपूत, उत्तर कुमार बंजारे, मुकेश पांडे, अनिल परोहा, आर्यन चावड़ा, विवेक पांडे, ज्वाला कुमार, जयप्रकाश प्रसाद समेत कई अन्य लोगों को भी अपना शिकार बनाया है। उन्होंने एसएसपी के जनदर्शन में एसएसपी पारुल माथुर से इसकी शिकायत की। तब जाकर तोरवा पुलिस ने आरोपी सन्नी दुआ और इसमें लिप्त उसकी पत्नी के खिलाफ भी धोखाधड़ी का अपराध दर्ज कर लिया। साथ ही दोनों को गिरफ्तार भी कर लिया गया है।







































