LONDON.
अभी भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर ‘इंडिया: द मोदी क्वेश्चन’ डॉक्यूमेंट्री का विवाद बीबीसी शांत भी नहीं कर सका था कि आज सोमवार को वह एक और विवाद को हवा देने जा रहा है. रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान बीबीसी इस मसले पर आज एक डॉक्यूमेंट्री का प्रदर्शन करने जा रहा है. इसमें ब्रिटेन के भूतपूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने सनसनीखेज दावा किया है कि यूक्रेन की मदद के एवज में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने उन पर मिसाइल हमले की धमकी दी थी. यही नहीं, इस डॉक्यूमेंट्री में यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की के भी कुछ सनसनीखेज बातों को सामने लाया गया है. यह डॉक्यूमेंट्री बताती है कि यूक्रेन पर रूस के हमले से पहले से पुतिन और पश्चिमी देशों के नेताओं में एक खासी दूरी आ चुकी थी. गौरतलब है कि बोरिस जॉनसन और अन्य पश्चिमी नेताओं में यूक्रेन के प्रति समर्थन दिखाने और रूसी हमले को रोकने की कोशिश करने के प्रयासों की एक होड़ सी मची हुई थी.

बीबीसी की एक नई डॉक्यूमेंट्री के अनुसार ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने दावा किया है कि रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन पर रूसी सेना को हमले का आदेश देने से ठीक पहले उन्हें फोन पर मिसाइल हमले के रूप में व्यक्तिगत स्तर पर निशाना बनाने की धमकी दी थी. जॉनसन ने पुतिन के हवाले से कहा, ‘उसने मुझे एक तरह से धमकी दी और कहा- बोरिस मैं आपको चोट नहीं पहुंचाना चाहता, लेकिन एक मिसाइल के साथ केवल एक मिनट लगेगा या ऐसा ही कुछ कहा था’. गौरतलब है कि बोरिस जॉनसन रूसी हमले के बाद यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर जेलेंस्की के सबसे उत्साही पश्चिमी समर्थकों में से एक के रूप में उभरे थे, लेकिन आक्रमण से पहले उन्होंने पुतिन को यह बताने में संकोच नहीं किया था कि यूक्रेन के नाटो में शामिल होने की कोई आसन्न संभावना नहीं थी.

मिसाइल की धमकी पर जॉनसन ने आगे कहा. ‘मुझे लगता है कि वह बहुत ही शांत टोन में बात कर रहे थे. हालांकि उनकी बातचीत से नापसंदगी साफ झलक रही थी. मुझे लगता है कि वह बातचीत कर युद्ध न होने या उसे रोकने के मेरे प्रयासों के साथ खेल रहे थे.’ बीबीसी डॉक्यूमेंट्री में दिखाया गया है कि यूक्रेन पर आक्रमण से पहले के वर्षों में ही रूसी नेता और पश्चिम के बीच दूरियां बढ़ गई थीं. इसमें जेलेंस्की को रूस के हमले से पहले नाटो में शामिल होने की अपनी विफल महत्वाकांक्षाओं को दर्शाते हुए भी दिखाया गया है. डॉक्यूमेंट्री में जेलेंस्की कहते दिखाए गए हैं कि यदि आप जानते हैं कि कल रूस यूक्रेन पर कब्जा कर लेगा, तो क्यों क्या आप मुझे आज ऐसा कुछ नहीं देते जिससे मैं इसे रोक सकूं? यही नहीं, जेलेंस्की यह भी कहते हैं, ‘यदि आप इसे मुझे नहीं दे सकते हैं, तो इसे (रूसी हमले को) स्वयं रोक दें.’





































