DURG. दुर्ग के पद्मनाभपुर स्थित विश्वदीप स्कूल में 100 से अधिक बच्चों को परीक्षा से वंचित कर दिया गया था। यहां बच्चों को फीस समय पर नहीं पटाने के कारण परीक्षा हॉल में नहीं घुसने दिया गया और गेट में ताला लगाकर बच्चों को बाहर धूप में खड़ा कर दिया गया। यह जानकारी IAS तक पहुंच गई और IAS अधिकारी तत्काल स्कूल पहुंचे।

दुर्ग नगर निगम के प्रभारी कमिश्नर और प्रशिक्षु IAS अधिकारी लक्ष्मण तिवारी शुक्रवार को पद्मनाभपुर स्थित विश्वदीप स्कूल पहुंचे। उन्हें शिकायत मिली थी कि यहां बच्चों को परीक्षा देने से रोका जा रहा है। तत्काल स्कूल पहुंचे आइएएस लक्ष्मण तिवारी ने स्कूल प्रबंधन से बात की। यहां पता चला कि कुछ बच्चें आर्थिक स्थित कमजोर होने के कारण उनके परिजन समय पर फीस नहीं पटा पाए थे, जिसके कारण स्कूल प्रबंधन ने बच्चों को परीक्षा में बैठने से रोक दिया है।

IAS लक्ष्मण तिवारी ने बताया कि हमें विश्वदीप स्कूल की शिकायत मिली थी, जहां हम मौके पर पहुंचे तो प्राइमरी से लेकर हायर क्लासेस के 100 से अधिक बच्चों को परीक्षा हॉल में जाने नहीं दिया जा रहा था। तब प्रबंधन से चर्चा की गई। तो इन बच्चों के परिजनों द्वारा समय पर फीस नहीं पटाने की बात सामने निकलकर आई। जिसके बाद हमने स्कूल प्रबंधक को इन बच्चों को भी परीक्षा में शामिल होने का आदेश दिया गया। उन्होंने कहा कि कोई भी स्कूल विद्यार्थी को पढ़ाई से वंचित नहीं कर सकता। फिर चाहे तो बड़े स्कूल हो या फिर सरकारी स्कूल।

बच्चों को चेहरे खिले
परीक्षा से वंचित विद्यार्थी स्कूल के बाहर की मायूस खड़े थे। लेकिन यहां IAS लक्ष्मण तिवारी के आने के बाद बच्चों के चेहरे खिल गए। सभी बच्चों और उनके परिजनों ने IAS की जमकर प्रशंसा की। यहां आइएएस लक्ष्मण तिवारी ने सख्त लहजे में कहा कि बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं किया जा सकता है और अगर कोई ऐसा करेगा तो बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

इस मौके पर बच्चों के पालक ने कहा कि आज एक ऐसा अधिकारी आया है जो शहर के साथ-साथ बच्चों के भविष्य के लिए अपना कीमती समय निकालकर स्कूल प्रबंधन से बात आए है।
बड़े लोगों ने नहीं की मदद
पीड़ित बच्चों के पालकों ने बताया कि शहर के कई बड़े लोगों से बात कर हमारी समस्या बताई गई। लेकिन किसी ने समस्या का निराकरण नहीं किया। लेकिन हमारे बच्चों के लिए आइएएस अधिकारी लक्ष्मण तिवारी आए है, जो काफी बड़ी बात है।





































