DURG. कोरोना काल के बाद से बंद सिटी बस सेवा राज्य में फिर से शुरू हो गई है। राज्य शासन के द्वारा जनता की सुविधा के लिए सिटी बस का परिचालन एक बार फिर शुरू किया गया है, तो दूसरी ओर प्राइवेट बस चालक सिटी बस के स्टॉपेज का विरोध कर रहे है। मामले को लेकर प्राइवेट बस संचालकों द्वारा दुर्ग सिटी कोतवाली थाने का घेराव कर दिया गया।
दरअसल मामला सिटी बस के स्टॅापेज को लेकर है। प्राइवेट बस संचालक संघ का कहना है कि उन्हें सिटी बस के चलने से कोई ऐतराज नहीं है। लेकिन संघ ने कहा कि मनमाने ढंग से सिटी बस संचालकों द्वारा कही भी बस का स्टॉपेज करवा दिया जाता है। दुर्ग-रायपुर के बीच दो सौ प्राइवेट बसें चलती है।
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि बीच सिटी बस संचालन से बसों से जुड़े लोगों की रोजी-रोटी पर असर डाल सकती है। बस संचालक चाहते है कि सिटी बस के रूकने के लिए पहले अलग से स्टॉपेज बनाने की व्यवस्था प्रशासन कर ले फिर सिटी बस को सड़क पर उतारे, जिससे सवारी को लेकर विवाद की स्थिति न हो।

बस संचालकों ने क्या कहा
प्राइवेट बस संचालक संघ के पदाधिकारी प्रकाश देशलहरा ने कहा कि बीते दिनों सिटी बस को लेकर परिवहन मंत्री मो.अकबर और जिलाधीश के साथ बैठक हुई थी। बैठक में हमारे द्वारा विभिन्न मागों को लेकर हमारी मांगे शासन और प्रशासन के बीच रखा गया था। उन्होंने कहा कि हमारी मांगों पर शासन ने सहमति भी जताई थी। लेकिन उस सहमति के खिलाफ सिटी बस संचालकों द्वारा काम करने से बस संचालकों में नाराजगी है, जिसका हम विरोध कर रहे है। हमें उम्मीद है कि शासन द्वारा कोई बीच का रास्ता निकाला जाएगा।

महापौर-विधायक पहुंचे मामले को सुलझाने
मामले की गंभीरता को देखते हुए दुर्ग शहर विधायक अरुण वोरा और दुर्ग महापौर नीरज बाकलीवाल सहित कांग्रेसी भी यहां निजी बस ऑपरेटरों की ओर से पहुंचे। विधायक अरुण वोरा ने कहा कि शासन की योजना का लाभ सभी को मिले, लेकिन बस ऑपरेटरों का भी ध्यान रखते हुए हमने दुर्ग कलेक्टर से बात की है और कहा सिटी बस का स्टॉपेज अलग से निर्धारित करने की बात कही गई ताकि विवाद की स्थिति न बनें।






































