RAIPUR. राजधानी के गुढ़ियारी दहीहांडी मैदान में हो रहे शिवमहापुराण कथा को सुनने के लिए दूर-दूर से लोग यहां पहुंच रहे हैं। कथा का वाचन अंतरराष्ट्रीय कथाकार प्रदीप मिश्रा कर रहे हैं। प्रेस कॉन्फ्रेंस में धर्मान्तरण और ज्ञानवापी केस को लेकर पूछे गए सवालों पर उनका बड़ा बयान आया है। उन्होंने कहा कि धर्मान्तरण करवाने वाले लोगों को पहले यह पता करने की जरुरत है कि उनके माता पिता और दाद-परदादा कौन से धर्म से थे? लोगों का धर्मान्तरण लालच देकर किया जा रहा है।
ज्ञानवापी-शृंगार गौरी केस पर पूछे गए सवाल पर प्रदीप मिश्रा ने कहा कि सृष्टि का सार ही शिव है, हर कण में शिव है कहीं भी खोदेंगे तो वो ही निकलेंगे। मूर्तियां तो बाद में प्रकट हुई हैं। ब्रह्माण्ड की उत्पति का कारक ही शिव है और निर्णय भी वो ही लेंगे। उन्होंने आगे कहा कि, केंद्र की हो या राज्य की राजनीति में हमेशा धर्म का स्थान रहा है। राजनीति को धर्म के अनुसार बढ़ाया जाए तो राजा और प्रजा दोनों ही सुखी होंगे।
प्रदीप मिश्रा के बारे में बात की जाए तो कभी उनके पास भोजन करने के भी पैसे नहीं होते थे, वे दूसरो से मांगे हुए कपड़े पहनते थे। उन्होंने खुद बताया था कि पढ़ाई भी दूसरों की किताबों से किया करते थे। शुरुआत में वो शिव मंदिरों में ही शिवमहापुराण का वाचन करते थे। लेकिन भगवान शिव की उनपर ऐसी कृपा हुई कि उनका जीवन संवार गया। साथ ही लोग उन्हें कथा सुनाने के लिए बुलाने लगे। इतना ही नहीं उनके कथा वाचन को सुनने के लिए कार्यक्रमों में दूर-दूर से लोग आते है।
कथाकार प्रदीप मिश्रा ने बताया कि शुरुआती समय में उन्होंने काफी संघर्ष किया है। यह प्रसिद्धि तो उन्हें हाल-फिलहाल में मिली है। मैंने हमेशा भगवान पर विश्वास बनाए रखा और बस अपना कर्म करता रहा। हम सभी को अपने कर्म पर ध्यान देना चाहिए। अपना दिल साफ रखों भगवान जरूर मिलेंगे।






































