DELHI. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और सत्येंद्र जैन के खिलाफ सुकेश चंद्रशेखर का एक और लेटर बम सामने आया है। अपने वकील अशोक सिंह के जरिए यह जारी किए इस लेटर में सुकेश ने पॉलीग्राफ टेस्ट कराने को चुनौती दी है। उसने कहा है कि मैं सत्येंद्र जैन और केजरीवाल पर लगे आरोपों पर अपना पॉलीग्राफ टेस्ट कराने के सुझाव का स्वागत करता हूं।
इसके साथ ही सुकेश ने अरविंद केजरीवाल और सत्येंद्र जैन को पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए चुनौती भी दी। सुकेश ने कहा कि इसके लिए वे भी सहमति दें और फिर तीनों का एक साथ टेस्ट किया जाए। सुकेश ने पत्र में यह भी कहा कि इस परीक्षा का सीधा प्रसारण किया जाए, ताकि देश के सामने अरविंद केजरीवाल और सत्येंद्र जैन का सच सामने आ सके।
‘पैसे देकर छपी पेड न्यूज’
सुकेश चंद्रशेखर ने दावा किया कि उनके पीआर एजेंट के जरिए दिल्ली के सरकारी स्कूलों के प्रचार-प्रसार के लिए पैसे देकर न्यूयॉर्क टाइम्स, वाशिंगटन पोस्ट और टाइम्स मैगजीन जैसे अखबारों में पेड न्यूज छापी गई। यह पेड न्यूज इन अखबारों के पीआर एजेंट मार्क और वेरोनिका के जरिए 8,50,000 अमेरिकी डॉलर में छापी थी। सुकेश चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि उन्होंने दुबई से केजरीवाल और सत्येंद्र जैन के लिए करोड़ों घड़ियां मंगवाईं और उन्हें उपहार के रूप में दीं।
सुकेश चंद्रशेखर ने अपने पत्र में लिखा कि वैसे तो आपको याद होगा कि जैकब एंड कंपनी एस्ट्रानोमिया घड़ी, केजरीवाल जी। यह मैंने आपको दी थी और आपने मुझे इसका पट्टा नीले से काले रंग में बदलने के लिए कहा था। दरअसल, इसकी सलाह आपके ज्योतिषी ने दी थी। उन्होंने आपको बताया था कि इस घड़ी के डायल में सभी ग्रह हैं।
आपके ज्योतिषी ने सुबह उठकर आपसे घड़ी पहनने को कहा लेकिन ब्लैक स्ट्रैप के साथ। इसके लिए मैंने दुबई से चार्टर्ड प्लेन में अपने पर्सनल स्टाफ को भेजकर उस घड़ी की स्ट्रैप बदलवाकर उसी दिन आप तक पहुंचा दी। सुकेश ने पत्र में आगे लिखा तुम दोनों को करोड़ों की घड़ियाँ उपहार में देने के बावजूद, तुम मुझे महाठग कहते हो।
200 करोड़ की ठगी के आरोप में जेल में है बंद
सुकेश चंद्रशेखर के आरोप से दिल्ली की सियासत में कोहराम मच गया है। वह 200 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के आरोप में तिहाड़ जेल में बंद है। सुकेश चंद्रशेखर ने खुलासा किया है कि आम आदमी पार्टी ने उससे 50 करोड़ रुपए वसूल किए हैं। वहीं, जेल में बंद मंत्री सत्येंद्र जैन ने उससे 10 करोड़ रुपए वसूल किए हैं। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि मोरबी हादसे से ध्यान भटकाने के लिए इस तरह के आरोप लगाए जा रहे हैं।
जानिए कौन हैं सुकेश चंद्रशेखर
सुकेश चंद्रशेखर 34 साल का है और वह कर्नाटक के बैंगलोर का रहने वाला है। उसने अभिनेत्री लीना मारिया पॉल से शादी की थी और वह भी इसके खेल में शामिल थी। सुकेश बचपन से ही बहुत जल्द अमीर बनना चाहता था। उसे पहली बार 17 साल की उम्र में धोखाधड़ी के एक मामले में गिरफ्तार किया गया था।
तब उसने एक जाने-माने वरिष्ठ राजनेता के बेटे का दोस्त होने का दावा करके एक पारिवारिक मित्र से 1.5 करोड़ रुपए ठगे थे। कई सालों तक सुकेश ने खुद को एक पूर्व मुख्यमंत्री के पोते बताते रहा और इसके जरिये सैकड़ों लोगों को ठगकर कई करोड़ रुपये कमाए। बाद में उसने किंग इन्वेस्टमेंट नाम की कंपनी शुरू की और निवेशकों से 2000 करोड़ रुपए ठगे।
2017 में दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच ने किया गिरफ्तार
चंद्रशेखर को दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने 2017 में अखिल भारतीय अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (AIADMK) के उप महासचिव टीटीवी दिनाकरन का बिचौलिया होने का नाटक करने के आरोप में गिरफ्तार किया था। उसे दक्षिण दिल्ली के एक पांच सितारा होटल से पकड़ा गया था। इसके बाद उसे दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने फोर्टिस हेल्थकेयर के प्रमोटर शिविंदर मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया था, जबकि वह अंतरिम जमानत पर था।
सुकेश और तिहाड़ जेल अधिकारियों की मिलीभगत
साल 2021 में सुकेश चंद्रशेखर को पांच अन्य जेल अधिकारियों के साथ 200 करोड़ रुपए की ठगी के मामले में गिरफ्तार किया गया था। उसने इस मामले में व्यवसायी शिवेंद्र मोहन सिंह की पत्नी अदिति सिंह से उसके पति को जेल से रिहा करने के लिए पैसा मांगा था। आरोप था कि तिहाड़ जेल की सलाखों के पीछे बैठकर तिहाड़ अधिकारियों की मदद से रंगदारी की पूरी सांठगांठ चल रही थी।
पैसों के दम पर सुकेश तिहाड़ में लग्जरी लाइफ जी रहा था। सुकेश ठगी का सारा धंधा जेल के अंदर से ही चला रहा था। उजागर होने पर, सुकेश को आईफोन 12 प्रो मैक्स और एक सैमसंग फोन के साथ गिरफ्तार किया गया था। इस फोन में धोखाधड़ी के लिए इस्तेमाल किया गया इजरायली फोन नंबर था।
सुकेश तिहाड़ की रोहिणी जेल में वार्ड नंबर 3 और बैरक नंबर 204 में बंद था। वहां लगे 10 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद सुकेश और जेल अधिकारियों के बीच सांठगांठ का खुलासा हुआ। आरोप है कि पैसे के दम पर सुकेश को अकेले रहने के लिए तिहाड़ की रोहिणी जेल में पूरा बैरक दे दिया गया।
कुछ महीने पहले तिहाड़ में विलासिता की जिंदगी जीने से जुड़ा एक सीसीटीवी भी सामने आया था, जिसमें सुकेश पूरी बैरकों को पर्दे से ढककर सजा काटता नजर आ रहा था। आरोप था कि तिहाड़ प्रशासन को करोड़ों रुपए रिश्वत के तौर पर देने के एवज में ये सारी सुविधाएं मिल रही थीं।







































