RAIPUR. छत्तीसगढ़ की स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश के राजधानी रायपुर के साइंस कॉलेज मैदान में राष्ट्रिय आदिवासी नृत्य महोत्सव का आयोजन 01 नवंबर से 03 नवंबर तक किया गया है। इसमें आने वाले अतिथियों से लेकर, प्रतिभागी, दर्शकों और मीडियाकर्मियों तक को आने-जाने में दिक्कतों का सामना न करना पड़े। इसलिए प्रशासन ने पहले से ही रुट प्लान जारी कर दिया है। इसमें सभी वर्ग अर्थात अतिथियों, प्रतिभागीयों, दर्शकों, और मिडियाकर्मीयों के साथ आपातकालीन वाहनों के लिए भी अलग-अलग मार्ग और पार्किंग स्थानों की व्यवस्था की गई है।
महासमुंद, बलौदाबाजार, गरियाबंद तथा धमतरी से आने वाले दर्शकों के लिए जारी किए गए रुट प्लान के अनुसार दर्शकों को रिंग रोड नं 01 से गुजरते हुए सरोना ब्रिज के किनारे सर्विस रोड से पुराना आमानाका थाना कांगेर वैली स्कूल वाले रस्ते से निर्धारित किए गए पार्किंग स्थल एनसीसी ग्राऊंड में अपना वहां खड़ा करना है, और वहां से पैदल कार्यक्रम स्थल तक पहुंचना है।

दुर्ग, भिलाई एवं राजनांदगाव से आने वाले दर्शकों के लिए जारी किये गए रुट प्लान के अनुसार उन्हें टाटीबंध चौक से गुजरते हुए जीई रोड होकर एम्स हॉस्पिटल महोबा बाजार चौक से यूनिवर्सिटी गेट के सामने निर्धारित किए गए पार्किंग स्थल बस डीपो में अपना वहां खड़ा करना है, और वहां से पैदल कार्यक्रम स्थल तक पहुंचना है।

बिलासपुर, बेमेतरा एवं कबीरधाम से आने वाले दर्शकों के लिए जारी किये गए रुट प्लान के अनुसार भनपुरी तिराहा से गुजरते हुए रिंग रोड नं 02 से होकर टाटीबंध चौक से गुजरते हुए जीई रोड होकर एम्स हॉस्पिटल महोबा बाजार चौक से यूनिवर्सिटी गेट के सामने निर्धारित किए गए पार्किंग स्थल बस डीपो में या एनआईटी पार्किंग में अपना वहां खड़ा करना है, और वहां से पैदल कार्यक्रम स्थल तक पहुंचना है।

राजधानी रायपुर से से आने वाले दर्शकों के लिए जारी किये गए रुट प्लान के अनुसार उन्हें शास्त्री चौक, जयस्तम्भ चौक, आमापारा तिराहा, आश्रम तिराहा, डीडीयू नया मार्ग तिराहा से होते हुए निर्धारित एनआईटी पार्किंग में अपना वहां खड़ा करना है, और वहां से पैदल कार्यक्रम स्थल तक पहुंचना है।

कार्यक्रम में आने वाले सभी मीडियाकर्मियों के लिए जारी किए गए रुट प्लान के अनुसार उन्हें हॉस्टल टर्निंग से होते हुए, साइंस कॉलेज मेजर गोर हॉस्टल के सामने निर्धारित पार्किंग स्थल पर अपना वहां खड़ा करके, वहां से पैदल कार्यक्रम स्थल तक जाना है।


































