BHILAI. छत्तीसगढ़ में प्रभु श्री राम का ननिहाल है। लेकिन प्रदेश के एक भांजे ने सारी परंपराओं को तार-तार कर दिया और मामा को बेदर्दी से मौत के घाट उतार दिया। भांजे ने पहले मामा को मारा। फिर उसके शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए और बहती नदी और जंगल में फेंक दिया।

भिलाई के स्मृति नगर में किराए के मकान में रहने वाले शेरयर ट्रेडिंग व्यवसायी निलेश डेहरे बीते अक्टूबर महीने के गुमशुदा था। व्यवसायी की तलाश की जा रही थी। वहीं पुलिस ने उसके व्यवसायी के कॉल डिटेल को निकाला तो उसका आखिरी लोकेशन सिमगा में मिला। यहां पतासाजी की गई।
पुलिस ने जांच के आधार पर घटना को अंजाम देने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं अन्य आरोपियों की पुलिस तलाश कर रही है।
पैसों की देनदारी थी
व्यवसायी को उसके मुंहबोले मामा मोंटू को करीब डेढ लाख रुपए की देनदारी थी। पुलिस ने बताया कि मोंटू सिमगा का आपराधिक प्रवृत्ति वाला है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि उसका मुंहबोला भांजा मोंटू ने सिमगा के फॉर्म हाउस में व्यवसायी निसेश को बुलाकर उसकी हत्या कर दी।
बॉडी के लिए नौ टुकड़े
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने व्यवसायी के शरीर के टुकड़े-टुकड़े कर दिए। शरीर को नौ टुकड़े करने के बाद तीन बोरियों में भरा और सबूत मिटाने के उद्देश्य से अलग-अलग जगह फेंक दिया। पुलिस ने बताया कि शिवनाथ के पास और महासमुंद के जंगल में भी फेंक दिया। पुलिस ने बताया कि शिवनाथ नदी में कुछ शरीर के टुकड़ों को फेंक दिया।
हत्या के छह आरोपी गिरफ्तार
हत्या के आरोप में पुलिस ने अभी तक छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके नाम अमरजीत उर्फ मोन्टू पिता कृष्णा महेश्वरी, हरेन्द्र उर्फ फोकली पिता कृष्णा महेश्वरी, वरुण सोनकर पिता भगत राम सोनकर, भोजराम निषाद पिता पुरुषोत्तम निषाद, मनीष राव गायकवाड़ पिता संतोष राव, भूपद साहू पिता गणेश साहू हैं। आरोपियों के गैंग का नाम ‘मोटिवेशन गैंग’ है। जिसका मुख्य सरगना अमरजीत उर्फ मोन्टू है। यह गैंग क्षेत्र में मारपीट, छेड़छाड़ और दारू कोचिया का काम करती थी। गैंग सिमगा के आसपास करीब 20 गांव में शराब की तस्करी करती थी।





































