BHOPAL. राजनैतिक तौर पर देश के अहम राज्यों में शुमार मध्यप्रदेश में 27 सितंबर को 46 नगरीय निकायों में चुनाव संपन्न हुए। यहां नगर निगमों सहित नगर परिषदों के लिए मतदाताओं ने अपने मद का इस्तेमाल किया। देर रात तक चुनाव परिणाम स्पष्ट हुए। वहीं लगातार मध्यप्रदेश की सत्ता में काबिज हो रहे मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सहित प्रदेश से ताल्लुख रखने वाले केंद्रीय मंत्रियों, लोकसभा सहित राज्यसभा सदस्यों ने अपनी-अपनी पार्टियों के जीत के लिए ताकत झोंकी थी। प्रदेश की सत्ता पर काबिज भाजपा ने चुनाव में बढ़त बनाई। वहीं कुछ सीट और निकाय में चौंकाने वाले परिणाम ने सभी को भौचक कर दिया।

आइए 20 पॉइंट्स में जानें चुनाव के रोचक आंकड़ों के बारे में।
1. 27 सितंबर को इलेक्शन हुआ। 29 सितंबर को काउंटिंग हुई।
2. मध्यप्रदेश के 46 नगरीय निकायों में 814 पार्षदों के लिए चुनाव हुए थे।
3. 46 में से 38 निकायों में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला है। कांग्रेस केवल आठ निकायों में ही अपनी उपस्थिति दर्ज करा सकी है।
4. 17 नगर पालिकाओं और 29 नगर परिषदों के चुनाव में 3,397 उम्मीदवार मैदान में थे।
5.18 जिलों में हुए मतदान में 72.60% मतदाताओं ने वोट दिया था।
6.करीब 25 नगर सेवक निर्विरोध चुने गए हैं
7. कांग्रेस, भाजपा सहित आम आदमी पार्टी (AAP), बहुजन समाज पार्टी (BSP) और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी (गोंगपा) ने मैदान में ताल ठोका था।
8. प्रदेश के 814 में से 417 में भाजपा, 250 में कांग्रेस और 131 स्थानों पर निर्दलीय प्रत्याशियों ने बाजी मारी।
9. AAP के 07, गोंगपा के 06 और BSP के 03 प्रत्याशियों ने जीत हासिल की।
10. पूर्व मुख्यमंत्री, दिग्गज कांग्रेस और प्रदेशाध्यक्ष कमलनाथ के किले छिंदवाड़ा को भाजपा ने फतह किया।
11. छिंदवाड़ा जिले की 06 में से 04 जुन्नारदेव, दमुआ, मोहगांव और सौंसर में भाजपा ने जीत हासिल की है।
12. सागर जिले की तीनों ही निकायों में भाजपा ने क्लीन स्वीप किया।
13. सागर के खुरई और गढ़कोटा निकायों की सभी सीटों पर भाजपा उम्मीदवार जीते।
14. जनजातीय बाहुल्य 28 सीट भाजपा की झोली में आई।
15. आदिवासी अंचल झाबुआ, मंडला, शहडोल, अनूपपुर, उमरिया, छिंदवाड़ा आदि क्षेत्र में भाजपा पार्षद बड़ी संख्या में जीते हैं।

16. MP के वनमंत्री विजय शाह के क्षेत्र की नगर परिषद छनेरा (नया हरसूद) में भाजपा पीट गई।
17. यहां कांग्रेस के 08, भाजपा के 03 और 04 निर्दलीय पार्षद चुनाव जीते हैं।
18. नव निर्वाचित पार्षद ही अपना नेता (अध्यक्ष) और उपाध्यक्ष (उपनेता) चुनेंगें।
19. चुनाव में भाजपा प्रदेशाध्यक्ष, कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्रियों ने ताकत झोंकी थी।
20. चुनाव परिणामों को 2023 में होने वाली विधानसभा चुनाव के सेमीफाइनल के तौर पर देखा जा रहा है।








































