Tirandaj Desk. समाजवादी पार्टी के संरक्षक मुलायम सिंह यादव का आज निधन हो गया। उन्होंने सुबह 08:16 बजे अंतिम सांस ली। वे गुरुग्राम के मेदांता हॉस्पिटल में 22 अगस्त से भर्ती थे। लंबी बीमारी के बाद उन्होंने 82 वर्ष की आयु में अंतिम सांस ली।
मुलायम सिंह यादव से जुड़ी बातें हम आपको बता रहे है। इसमें आप उनसे जुड़ी 20 ऐसी बातें जानेंगे जिसमें उनकी प्रशंसा होती रही। तो वहीं 20 ऐसी बातों का पुलिंदा भी है जिसमें वे आलोचकों के निशाने पर रहे।

आइए जानते हैं नेताजी की 20 ऐसी बातें, जिसने दिलाई उपलब्धि
1 सियासत के पहलवान मुलायम सिंह यादव राजनीति में आने से पहले पहलवानी करते थे और पेशे से शिक्षक थे।
2 वे मजह 28 साल की उम्र में राजनीति में प्रवेश किए और 1967 में पहली बार विधायक चुने गए।
3 मुलायम की पढ़ाई उत्तरप्रदेश के इटावा जिले स्थित सैफई, आगरा और फतेहाबाद से हुई।
4 वे 1967 से लेकर 1996 तक उत्तरप्रदेश की विधानसभा में आठ बार चुने गए।
5 वे 1982 से 1987 तक उत्तरप्रदेश की विधान परिषद के सदस्य रहे।
6 1996 में पहली बार लोकसभा का चुना लगा और सात बार लोवर हाउस के सदस्य रहे।
7 1977 में वे पहली बार उत्तरप्रदेश में मंत्री बने और को-ऑपरेटिव और पशुपालन विभाग को दायित्व संभाला।
8 1980 में लोकदल के अध्यक्ष बनाए गए।
9 1985 से 87 तक उत्तरप्रदेश में जनता दल के अध्यक्ष रहे।
10 पहली बार 1989 में उत्तरप्रदेश के मुख्यमंत्री बने।

11 1993 से 1995 तक उत्तरप्रदेश के दूसरी बार मुख्यमंत्री का दायित्व संभाला।
12 2003 में यूपी के तीसरे बार मुख्यमंत्री बने और चार साल पद पर बने रहे।
13 1996 में एचडी देवगौड़ा सरकार में देश के रक्षा मंत्री भी रहे।
14 वे 60 के दशक में राममनोहर लोहिया और चरण सिंह के मार्गदर्शन में रहे।
15 उन्हें राममनोहर लोहिया ने राजनीति में लाया और लोहिया की संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी से पहली बार चुनाव लड़े।
16 वे 55 वर्ष तक सक्रिय राजनीति में रहे।
17 उनकी पहली पत्नी मृदुला यादव सैफई की ब्लॉक प्रमुख रही है।
18 मुलायम सिंह यादव के बेटे अखिलेश यादव यूपी के मुख्यमंत्री रह चुके है।
19 यूपी में उन्हें लोग नेताजी और बाबूजी के नाम से संबोधित करते थे।
20 एक समय मुलायम सिंह यादव का परिवार देश का सबसे बड़ा राजनैतिक परिवार रहा है। कुनबे से एक साथ दो दर्जन से अधिक लोग संवैधानिक पदों पर रह चुके है।

20 ऐसी बातें जिसमें आलोचना के हुए शिकार
1 मुलायम सिंह यादव पर एक विशेष वर्ग के प्रति नरम रहने का आरोप लगते रहा है।
2 आलोचक उनके पैतृक गांव में मनाए जाने वाले सैफई मनोत्सव को लेकर उनको हमेशा घेरते रहे है।
3 उनकी पार्टी को एम-वाय (मुस्लिम और यादव) समीकरण साधने का भी आरोप लगते रहा है।
4 गेस्ट हाउस कांड की वजह से भी वे काफी चर्चा में रहे है।
5 अपने परिवार को ही बढ़ाने और प्रमुख पद देने का भी विरोध होते रहा है।
6 उनकी बहू अपर्णा यादव हमेशा भाजपा और पीएम मोदी की प्रशंसा करती रही। बाद में अपर्णा ने भाजपा ज्वॉइन कर लिया था।
7 यूपी के जिलों में विकास कार्यों के लिए पैसों के बंटवारे पर भी भेदभाव का आरोप लगते रहा है।
8 कारसेवकों पर गोली चलाने का आरोप भाजपा और एसएसएस लगाती रही है।
9 आलोचक गोलीकांड में कारसेवकों की मौत का कारण भी मुलायम सिंह यादव को मानते है।
10 पिता-पुत्र (मुलायम और अखिलेश) में विवाद के कारण राजनैतिक किरकिरी होते रही है।

11 परिवार में राजनैतिक विवाद के पीछे उनके भाई शिवपाल और रामगोपाल की भी भूमिका को इंगित किया जाते रहा है।
12 पारिवारिक विवाद के चलते पार्टी दो धड़ों में बंटी रही है।
13 वर्तमान एनडीए सरकार की तारीफ के चलते भी लोग उन्हें घेरते रहे है।
14 मुलायम सिंह यादव ने 2019 लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार के रिपीट होने बात कहकर आलोचना के शिकार हुए थे।
15 विशेष वर्ग को साधने के कारण विरोधी इन्हें मुल्ला मुलायम कहते रहे।
16 दुष्कर्मियों के पक्ष में उनके बयान ‘लड़कों से गलती हो जाती है’ के बाद उनका बहुत विरोध हुआ था।
17 कथित बाबरी मस्जिद पर उन्होंने कहा था कि बाबरी में पक्षी भी पर नहीं मार सकता, जिसकी उनकी खूब आलोचना हुई थी।
18 श्रीराम जन्मभूमि स्थल पर विवादित बयान के लिए भी उनकी आलोचना होती रही।
19 कुछ राजनेताओं से विवाद और करीबीयत के चलते भी इनका विरोध होते रहा है।
20 कई मौके पर वे गोलीकांड को सही ठहराते रहे है।





































