RAIGARH. शहर में गुरुवार को खुदकुशी के दो मामले सामने आए। दोनों ही क्रिकेट सट्टा में लाखों रुपये गंवा चुके थे। एक युवक के परिजन लंबे समय से उसकी इस आदत से परेशान थे। जब उसकी शवयात्रा निकाली गई तो उसके दोस्त व परिजन हाथों में तख्ती लिए चल रहे थे। इन तख्तियों में क्रिकेट सट्टा बंद करने, इसकी बुराइयों आदि को लेकर स्लोगन लिखे हुए थे। कुल मिलाकर समाज को उनका यही संदेश था कि उनके बेटे या दोस्त ने सट्टे में अपना जीवन बर्बाद कर दिया, लेकिन और लोग इससे सबक सीखे और इस दलदल में जाने से खुद को रोक लें। शासन-प्रशासन व पुलिस पर भी एक तरह से कटाक्ष किया गया था।
बुधवार की शाम शहर के रेलवे मालधक्का रोड मोहल्ले में बालाजी डोर फर्म के संचालक भीम सिंह मित्तल के पुत्र मयंक मित्तल उर्फ मिटठु (34 वर्ष) के खुदकुशी करने का पता चला। उसकी लाश उनकी दुकान के पीछे गोदाम में साड़ी से बनाए गए फांसी के फंदे पर लटकती हुई मिली थी। परिजनों ने इसकी जानकारी थाने में दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच कर शव को नीचे उतारवाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। दरअसल, मयंक को पिछले करीब पांच साल से क्रिकेट क्रेट सट्टे की बुरी लत थीा। अब तक वह इसमें लाखों रुपये गंवा चुका था। इसके साथ ही उस पर लाखों का कर्ज भी था।
बताया जा रहा है कि पिछले दिनों उसने लाखों रुपये इसी में गंवा दिया था। तब उसके भाइयों और परिवार के अन्य सदस्यों ने मिलकर कर्ज चुकाया था। इस दौरान अब दोबारा इस दलदल में नहीं घुसने की सख्त हिदायत भी दी थी। लेकिन, उसे लत ऐसी लगी थी कि वह खुद को रोक नहीं पाया और फिर से करीब 50 लाख रुपये के कर्ज में उतर गया। अभी भारत-पाकिस्तान के बीच हुए मैच में भी उसने मोटी रकम गंवा दी थी। तब से वह तनाव में आ गया था। कर्ज देने वाले और सट्टेबाजों की ओर से उस पर फिर से दबाव बनाया जा रहा था। इसी तनाव में आकर उसने खुदकुशी कर ली।
शवयात्रा के बीच तख्तियां देख लोग हुए हैरान
गुरुवार को मयंक की शवयात्रा निकाली गई। तब उसके भाइयों और दोस्तों ने समाज को संदेश देने का यह अनोखा तरीका अपनाया। चार लोग जहां मयंक की अर्थी को कांधा दिए चल रहे थे तो उसके आसपास चल रहे उसके भाई, दोस्त और परिवार के अन्य सदस्य हाथों में तख्तियां लेकर चल रहे थे। उसमें क्रिकेट सट्टा को सामाजिक बुराई बताते हुए स्लोगन लिखे हुए थे।
सट्टे में ही होटल व्यवसायी मुनुवर ने गंवाई जान
दूसरी घटना भी शहर की है, जहां केवड़ा बाड़ी बस स्टैंड में होटल संचालित करने वाले मुनुवर खान ने सुसाइड किया है। उसकी लाश बाघ तालाब के किनारे स्थित बरगद के पेड़ पर फंदे में लटकती हुई मिली है। उसे लेकर भी बताया जा रहा है कि वह भी सट्टे के चलते ही कर्ज के बोझ तले दबा हुआ था। हालांकि उसके परिजनों की ओर से इस बारे में पुष्टि नहीं की गई है पर पुलिस को कुछ इसी तरह की जानकारी मिली है। बहरहाल दोनों ही मामलों की जांच की जा रही है।





































