BHILAI. बच्चा चोरी की कुछ घटनाएं और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों द्वारा नाम छिपाकर घूमने के मामले सामने आने के बाद अब नई आफत खड़ी हो गई है। लोग किसी भी संदिग्ध नजर आने वाले लोगों से न सिर्फ उलझ रहे हैं, बल्कि बिना पुष्टि के मारपीट भी करने लगे हैं। इससे असल जरूरतमंदों और मानसिक रोगियों को ज्यादा प्रताड़ित होना पड़ रहा है।
ताजा मामला भिलाई का है, जहां मानसिक रूप से बीमार महिला खाने के लालच में आंगनबाड़ी केंद्र में खड़ी थी। लोगों ने उसे बच्चा चोर समझकर उसकी जमकर पिटाई कर दी। गनीमत रही कि मौके पर पुलिस ने पहुंचकर छुड़ा लिया, जिससे उसकी जान बच गई।
मामला भिलाई के पुरैना का बताया जा रहा है, जहां सोमवार की सुबह एक आंगनबाड़ी केंद्र में बच्चे पढ़ाई और खेलकूद में व्यस्त थे। वहीं मौके पर खाने-पीने का सामान भी रखा हुआ था। इसी बीच वहां एक महिला पहुंच गई। कहा जा रहा है कि वह भूखी रही होगी, इसलिए खाने- पीने का सामान देखकर उसे लगा होगा कि यहां उसे कुछ खाने को मिल जाएगा।
महिला की हालत को देखते हुए आंगनबाड़ी कार्यकर्ता व सहायिक समेत आसपास के लोगों को उस पर शक हुआ कि कहीं ये बच्चा चोरी की फिराक में तो नहीं है। इस दौरान जब उससे पूछताछ की गई तो वह ठीक से बात नहीं कर पा रही थी। ऐसे में उनका शक यकीन में बदल गया और बिना किसी जानकारी के उसकी पिटाई करने लगे।
इस बीच मोहल्ले के और लोग जुट गए और वे भी महिला की पिटाई में शामिल हो गए। कुछ लोगों ने उन्हें समझाने की कोशिश भी की कि मामले को पुलिस को सौंप दिया जाए ताकि वे पूछताछ कर असलियत का पता लगा लें। लेकिन, वे मानने को तैयार नहीं हुए। तभी किसी ने पुलिस को इसकी सूचना दे दी। आनन- फानन में पुलिस की एक टीम तत्काल मौके पर पहुंच गई। तब भी लोग उसे घेरकर पीटने में लगे थे।
पुलिस के जवानों ने जैसे- तैसे कर महिला को छुड़ाया और थाने लेकर पहुंचे। यहां पूछताछ में पुलिस को पता चला कि वह मानसिक रूप से बीमार है। यह भी स्पष्ट हुआ कि वह खाने के लालच में ही वहां खड़ी थी। पुलिस अब महिला के परिजनों की खोज करने की बात कह रही है। बहरहाल उनकी जानकारी जुटाने की कोशिश की जा रही है। अब आगे जो भी हो, लेकिन इस मामले ने स्पष्ट कर दिया है कि बच्चा चोरी के शक में मामला अब ज्यादा ही तूल पकड़ रहा है और लोग कानून को अपने हाथ में लेने से भी बाज नहीं हो रहे हैं। इसका शिकार इसी तरह के लोग हो रहे हैं और उन्हें बेवजह मारपीट का सामना करना पड़ रहा है।
जब थाना प्रभारी मनीष शर्मा से इस मामले पर जानकारी लेनी चाही तो उन्होंने किसी भी सवाल का जवाब न देते हुए कहा कि ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर एसपी और एएसपी ही जवाब देंगे। मै इस मामले में कुछ भी नहीं कह सकता।





































