RAIPUR. मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के प्रयासों को बड़ी सफलता मिली है। सीएम बघेल लगातार छत्तीसगढ़ की कुछ जातियों को अनुसूचित जन जातियों में शामिल करने की मांग केन्द्र सरकार से करते रहे हैं। इसी कड़ी में बुधवार को केन्द्र सरकार की केबिनेट मीटिंग में छत्तीसगढ़ की 12 जातियों को अनुसूचित जनजातियों में शामिल करने का निर्णय लिया गया है। इसके साथ ही लंबे समय से इन जातियों के अनुसूचित जनजातियों में शामिल होने का रास्ता भी साफ हो गया है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में बुधवार को हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में यह ऐतिहासिक निर्णय लिया गया। छत्तीसगढ़ की 12 जाति समुदायों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने की स्वीकृति दे दी गई है। मुख्यमंत्री बघेल ने 11 फरवरी 2021 को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र भेजकर छत्तीसगढ़ की विभिन्न जातियों को अनुसूचित जनजाति में शामिल करने का आग्रह किया था, जिसे मानते हुए केन्द्र सरकार ने बड़ा निर्णय लिया है।

बिझिया समुदाय सहित कुल समुदाय शामिल
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने छत्तीसगढ़ में अनुसूचित जनजाति की सूची में बिझिया समुदाय समेत 12 समुदायों को जोड़ने के प्रस्ताव को बुधवार को मंजूरी दे दी। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अर्जुन मुंडा और अनुराग ठाकुर ने संवाददाताओं चर्चा करते हुए यह जानकारी दी। जनजातीय मामलों के मंत्री अर्जुन मुंडा ने कहा कि बिझिया समुदाय को ओडिया और झारखंड में अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में रखा गया है लेकिन छत्तीसगढ़ में ऐसा नहीं है।

सभी औपचारिकताएं पूरी होने के बाद मिली मंजूरी
उन्होंने बताया कि इस संबंध में सभी औपचारिकताओं को पूरा कर लिया गया है। इसमें राज्य से सिफारिश आने, भारत के महापंजीयक से सलाह करने और अंतर मंत्रालयी विमर्श के बाद मंत्रिमंडल के समक्ष रखा गया और इसे मंजूरी मिली। केन्द्रीय मंत्री मुंडा ने कहा कि मंत्रिमंडल ने तमिलनाडु के पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाले नारिकुर्वर और कुरूविकरण को भी इस सूची में शामिल करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।



































